Lungiwala Row: राज्यसभा में भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को माकपा सांसद जॉन ब्रिटास के खिलाफ राज्यसभा के सभापति को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।
यह घटनाक्रम माकपा सांसद के उस आरोप के कुछ घंटों बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सत्ता पक्ष की एक सदस्य ने उनके पहनावे पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें 'लुंगी वाला' कहा था।
सदन में जमकर हुआ हंगामा
माकपा सांसद के खिलाफ कथित तौर पर सुष्मिता देव की अपमानजनक टिप्पणी को लेकर राज्यसभा में बुधवार को भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते शून्यकाल और प्रश्नकाल तक नहीं हो पाया और सदन की कार्यवाही तक स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर 11 बजे राज्यसभा की बैठक शुरू होने के बाद सदन के पटल पर सूचीबद्ध दस्तावेज रखे गए। इसके तत्काल बाद जॉन ब्रिटास ने यह मुद्दा उठाया कि सत्ता पक्ष की एक सदस्य ने उन्हें 'लुंगीवाला' कहा। राज्यसभा में केरल का प्रतिनिधित्व करने वाले जॉन ब्रिटास ने भी सुष्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया है।
क्या है पूरा मामला?
अपना पक्ष रखने की अनुमति मिलने के बाद जॉन ब्रिटास ने कहा कि 11 अगस्त को दोपहर जब वह आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के खिलाफ सांविधिक प्रस्ताव पेश कर रहे थे, तब भाजपा सांसद अपनी निर्धारित सीट छोड़कर उनके ठीक पीछे वाली सीट पर आ गई थीं। जॉन ब्रिटास ने नाम लिए बिना आरोप लगाया, ''उन्होंने मुझे बार-बार लुंगीवाला कहा।'' हालांकि, मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने भाजपा सांसद का जिक्र किया।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: '...कैंटीन में बैठा रहता है', सत्रावसान से पहले अमित शाह के स्टैंड पर बरसे मनोज झा; सुनाया टीचर वाला किस्सा
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सुष्मिता देव ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ''मैं असम की बंगाली हूं। मैंने अलग-अलग राज्यों को देखा है, जहां हम अलग-अलग तरह की वेशभूषा और कपड़े पहनते हैं। न तो मैंने और न ही किसी सदस्य ने किसी राज्य की पोशाक पर कोई टिप्पणी की है। मैं इसे रिकॉर्ड पर रखना चाहती हूं।'' सुष्मिता देव ने कहा कि वह ब्रिटास को लंबे समय से जानती हैं। उन्होंने कहा कि इस सदन से ऐसा कोई संदेश नहीं जाना चाहिए कि कोई सदस्य भारत में सांस्कृतिक या धार्मिक आधार पर विभाजन चाहता है।
सदन के नेता जे पी नड्डा ने दोनों सांसदों के बीच पैदा हुई गलतफहमी को दूर करने की पेशकश की। नड्डा ने कहा, ''अगर दोनों सांसद मेरे कक्ष में आते हैं तो इस गलतफहमी को दूर किया जा सकता है।''
