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PM मोदी से मिले राघव चड्ढा, भेंट की भगवान गणेश की मूर्ति, बोले- ये सुबह हमेशा याद रहेगी

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और सरकार एफसीआरए, परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। अपनी इस मुलाकात के दौरान चड्ढा ने पीएम मोदी को भगवान गणेश की मूर्ति सौंपी।

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पीएम मोदी से मुलाकात करते राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा।

Raghav Chadha meets PM Modi : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मिले। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और सरकार एफसीआरए, परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। अपनी इस मुलाकात के दौरान चड्ढा ने पीएम मोदी को भगवान गणेश की मूर्ति सौंपी।

इस मुलाकात के बारे में X पर अपने पोस्ट में चड्ढा ने कहा कि 'एक ऐसी सुबह जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलने का सौभाग्य मिला। विस्तृत और समृद्ध बातचीत हुई। अपना बहुमूल्य समय देने और उनके विचारों व मार्गदर्शन से लाभ उठाने का अवसर देने के लिए मैं उनका हृदय से आभारी हूं।' राज्यसभा सांसद ने मुलाकात के लिए समय देने पर पीएम मोदी को धन्यवाद भी दिया।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ यह पहली मुलाकात

हाल ही में भाजपा में शामिल हुए चड्ढा की प्रधानमंत्री मोदी के साथ यह पहली मुलाकात थी। इससे पहले जून में उन्होंने भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने पर पीएम मोदी की प्रशंसा की थी। 10 जून को X पर एक लंबी पोस्ट में चड्ढा ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की थी और उनके राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए देश के प्रति उनकी 'निरंतर और अथक समर्पण' को सलाम किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की थी। चड्ढा ने उम्मीद जताई थी कि भारत की जनता देश की सेवा के लिए प्रधानमंत्री मोदी को 'कई और जनादेश' देगी।

'भारत सामान्य अर्थों में सिर्फ एक राष्ट्र नहीं है'

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था, 'भारत सामान्य अर्थों में सिर्फ एक राष्ट्र नहीं है। यह 140 करोड़ लोगों की आत्माओं से बनी एक सभ्यता है। यह 22 अनुसूचित भाषाओं और सैकड़ों बोलियों, अनेक धर्मों, जातियों, समुदायों और पंथों की भूमि है, जहां अलग-अलग क्षेत्र और जीवनशैली वाले लोग साथ-साथ रहते हैं। हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं, जहां करीब 98 करोड़ मतदाता हैं, जो यूरोप में रहने वाली कुल आबादी से भी अधिक हैं। यही वजह है कि भारत का चुनावी अभ्यास शायद दुनिया की सबसे जटिल चुनावी प्रक्रिया है।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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