देश

SC/ST Act की कुछ धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

SC/ST Act की कुछ धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इन्कार कर दिया है। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि समय समय पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसलों के जरिए संविधानिक सेफगार्ड रखे है, जिसके चलते इसके दुरुपयोग को रोका जा सकता है।

Image

सुप्रीम कोर्ट

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की कुछ धाराओं की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिका में कहा गया था इस एक्ट की कुछ धाराएं संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 में मिले मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं।

याचिका में क्या कहा गया था?

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि SC/ST Act के तहत गैर-SC/ST व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज होने की स्थिति में उसके अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। याचिका में यह भी कहा गया कि झूठे या गलत आरोपों से बचाव के लिए कानून में पर्याप्त प्रक्रियात्मक सुरक्षा नहीं है।

याचिका में मांग करते हुए कहा गया था कि ऐसे में पुलिस के लिए FIR दर्ज करने, जांच करने और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नियम और दिशा-निर्देश तय किए जाएं। खासतौर पर बिना प्रारंभिक जांच या पर्याप्त सुरक्षा के कार्रवाई होने की स्थिति पर सवाल उठाए गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

जिसके बाद आज CJI की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट समय-समय पर अपने फैसलों के जरिए संवैधानिक सुरक्षा उपाय तय करता रहा है। इन न्यायिक दिशानिर्देशों के जरिए कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में भी SC/ST Act से जुड़े मामलों में संवैधानिक अधिकारों और प्रक्रियात्मक सुरक्षा पर समय-समय पर न्यायिक व्याख्याएं दर्ज हैं।

SC/ST Act क्या है?

SC/ST (Prevention of Atrocities) Act का उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के खिलाफ होने वाले अत्याचार और भेदभाव से कानूनी सुरक्षा देना है। कानून में ऐसे कई कृत्यों को अपराध के रूप में परिभाषित किया गया है और पीड़ितों के लिए विशेष सुरक्षा एवं राहत के प्रावधान किए गए हैं।
Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

और पढ़ें
End of Article