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Biren Singh:जातीय हिंसा के चलते विवादों में घिरा रहा मणिपुर CM के रूप में बीरेन सिंह का कार्यकाल

Biren Singh Manipur CM tenure: बीरेन सिंह के कार्यकाल का सबसे बड़ा विवाद मई 2023 में शुरू हुआ जब राज्य में जातीय हिंसा भड़क उठी।

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मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोम्बम बीरेन सिंह

Photo : PTI

Biren Singh Manipur CM tenure: मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में नोंगथोम्बम बीरेन सिंह का कार्यकाल मुख्य रूप से जातीय हिंसा से निपटने, संघर्ष भड़काने के आरोपों समेत कई विवादों से घिरा रहा। फुटबॉल खिलाड़ी रहे सिंह राजनीति में प्रवेश करने से पहले पत्रकार थे। वह पहली बार 2017 में मुख्यमंत्री बने। उनका दूसरा कार्यकाल 2022 में शुरू हुआ। वह इंफाल ईस्ट जिले में हीनगांग विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।सिंह ने 2002 में राजनीति में प्रवेश किया, जब वह डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव जीते। वह 2003 में कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए 2007 में सीट बरकरार रखी।

कुछ ही समय में सिंह तत्कालीन मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बन गए और उन्हें सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, युवा मामले एवं खेल, तथा उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री बनाया गया।

सिंह ने 2012 में लगातार तीसरी बार अपनी सीट बरकरार रखी, लेकिन उनका इबोबी सिंह के साथ मतभेद हो गया। आखिरकार, पद पर बने रहना मुश्किल होने पर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और अक्टूबर 2016 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। मार्च 2017 के चुनावों में, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, लेकिन उसके पास पर्याप्त संख्याबल नहीं था जिसके कारण भाजपा ने गठबंधन सरकार बनाई और बीरेन सिंह नए मुख्यमंत्री बने।

वह 2022 में मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल पाने के लिए अपनी पार्टी का भरोसा जीतने में कामयाब रहे। तब से अब तक उनका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है।जातीय संघर्ष में इंफाल घाटी में बहुसंख्यक मेइती समुदाय और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बसे कुकी-जो आदिवासी समूहों के बीच गंभीर झड़पें हुईं। इन झड़पों के परिणामस्वरूप 250 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग विस्थापित हो गए। हिंसा को रोकने में सरकार की नाकामी ने सिंह के नेतृत्व को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दीं।

हिंसा को लेकर सिंह ने दिसंबर 2023 में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने राज्य में अशांति के कारण हुई मौतों और विस्थापन के लिए अफसोस जताया।सिंह ने विभिन्न समुदायों के बीच मेल-मिलाप का आह्वान किया तथा अतीत की गलतियों को माफ करने तथा शांतिपूर्ण मणिपुर के पुनर्निर्माण के लिए काम करने का आग्रह किया।

...जब बीरेन सिंह से संबंधित ऑडियो टेप लीक हो गए

फरवरी में, एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब सिंह से संबंधित ऑडियो टेप लीक हो गए, जिसमें उन्हें कथित तौर पर यह चर्चा करते हुए सुना गया कि किस प्रकार कथित रूप से उनकी मंजूरी से जातीय हिंसा भड़काई गई। जातीय संघर्ष से निपटने में सिंह के रवैये की मुखर आलोचक ‘कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट’ (कोहूर) ने ऑडियो टेप की प्रामाणिकता की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग की। मामले में उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) को टेप की प्रामाणिकता की पुष्टि करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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