देश

Manipur CM: 'मणिपुर में एन बीरेन सिंह का इस्तीफा एक सोची-समझी और मजबूरी भरा फैसला', कांग्रेस का तंज- Video

Congress on Manipur CM Resignation: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया इसपर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, 'मणिपुर में एन बीरेन सिंह का इस्तीफा एक सोची-समझी और मजबूरी भरा फैसला है।'

Image

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया

Manipur CM N Biren Singh Resignation: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना इस्तीफा सौंप दिया उनके इस्तीफे पर विपक्ष की प्रतिक्रिया सामने आई है, कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि 'मणिपुर में एन बीरेन सिंह का इस्तीफा एक सोची-समझी और मजबूरी भरा फैसला है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, 'मणिपुर में एन बीरेन सिंह का इस्तीफा एक सोची-समझी और मजबूरी भरा फैसला है। मणिपुर विधानसभा का सत्र कल से शुरू होने वाला था और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने वाला था, जो वो हर हाल में हारते क्योंकि उनकी अपनी पार्टी में भी उनका कड़ा विरोध था...अब क्या होगा? क्या उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाया जाएगा और फिर बाद में चुपचाप मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा? क्या यह एक सोची-समझी साजिश है?...इस्तीफा इस बात का सबूत है कि मणिपुर में हालात बहुत खराब हैं।

गौर हो कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना इस्तीफा सौंप दिया।सिंह ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कहा, 'अब तक मणिपुर के लोगों की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। मैं प्रत्येक मणिपुरी के हितों की रक्षा के लिए समय पर की गई कार्रवाई, विकास कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार का बहुत आभारी हूं।'पत्र में कहा गया है, 'आपके कार्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार से मेरा विनम्र अनुरोध है कि इसे जारी रखा जाए। मैं इस अवसर पर उनमें से सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को गिनाना चाहता हूं... मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखना, जिसका हजारों वर्षों से समृद्ध और विविध सभ्यतागत इतिहास रहा है।'

उन्होंने केंद्र से सीमा पर घुसपैठ को लेकर कार्रवाई जारी रखने और अवैध प्रवासियों के निर्वासन और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई के लिए नीति तैयार करने का भी अनुरोध किया।मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह 'मुक्त आवागमन व्यवस्था(एफएमआर) की पूर्ण सुरक्षित संशोधित प्रणाली को जारी रखे, जिसमें बायोमेट्रिक प्रणाली को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए और सीमा पर त्वरित गति से निगरानी की जाए।' यह घटनाक्रम उनके दिल्ली से लौटने के कुछ ही घंटों बाद हुयी है।

जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 250 से अधिक लोग मारे गए

सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों के साथ बैठक की थी। यह बैठक विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग के मद्देनजर आयोजित की गई थी। मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

' भाजपा राज्य की अखंडता के लिए कड़ी मेहनत करती रहेगी'

इस बीच, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ए शारदा ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री सिंह ने राज्य के लोगों के हित में राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। शारदा ने कहा कि सिंह ने राज्य के विकास और अखंडता के लिए अथक प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'वह तीन मई, 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद से राज्य में शांति लाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा राज्य की अखंडता के लिए कड़ी मेहनत करती रहेगी।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article