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अब सिर्फ PoK पर बात... Operation Sindoor पर PM मोदी की 10 बड़ी बातें, जिससे उड़ जाएगी शहबाज-मुनीर की नींद

Operation Sindoor: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये संयोग ही है कि 5 साल पहले जब बालाकोट में देश ने एयर स्ट्राइक की थी, उसके बाद मेरी पहली जनसभा राजस्थान में ही सीमा पर हुई थी। वीरभूमि का ही ये तप है कि ऐसा संयोग बन जाता है। अब इस बार जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, तो उसके बाद मेरी पहली जनसभा फिर यहां बीकानेर में हो रही है।

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बीकानेर में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने पाकिस्तान को लेकर जो बातें कहीं हैं, उससे साफ है कि पाकिस्तान, को नींद नहीं आएगी। पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि बात अब सिर्फ पीओके पर होगी। पाकिस्तान के साथ न व्यापार होगा और न ही बातचीत, अगर बातचीत होगी भी तो पीओके पर होगी।

बीकानेर में पीएम मोदी की रैली

राजस्थान में बीकानेर आए प्रधानमंत्री मोदी ने पलाना में, भारतीय सैन्य बलों द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादियों और उनके ठिकानों के खिलाफ चलाए गए ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ का जिक्र करते हुए कहा ‘‘हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दे दी थी और तीनों सेनाओं ने ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया ।’’

पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

  1. अब पाकिस्तान के साथ न trade होगा और न talk, अगर बात होगी तो सिर्फ PoK की।
  2. पाकिस्तान ने अगर आतंकियों को एक्सपोर्ट करना जारी रखा... तो उसको पाई-पाई के लिए मोहताज होना होगा।
  3. पाकिस्तान को भारत के हक का पानी नहीं मिलेगा। भारतीयों के खून से खेलना... पाकिस्तान को अब महंगा पड़ेगा। ये भारत का संकल्प है और दुनिया की कोई ताकत हमें इस संकल्प से डिगा नहीं सकती हैं।
  4. अब भारत ने दो टूक साफ कर दिया है... हर आतंकी हमले की पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। और ये कीमत...पाकिस्तान की सेना चुकाएगी... पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चुकाएगी।
  5. पाकिस्तान एक बात भूल गया कि अब मां भारती का सेवक मोदी यहां सीना तानकर खड़ा है। मोदी का दिमाग ठंडा है, ठंडा रहता है, लेकिन मोदी का लहू गर्म होता है। अब तो मोदी की नसों में लहू नहीं, गर्म सिंदूर बह रहा है।
  6. आतंक का फन कुचलने की यही नीति है, यही रीति है। यही भारत है, नया भारत है। ये शोध-प्रतिशोध का खेल नहीं, ये न्याय का नया स्वरूप है। ये न्याय का नया स्वरूप है, ये #OperationSindoor है। ये सिर्फ अक्रोश नहीं है, ये समग्र भारत के रौद्र रूप है, ये भारत का नया स्वरूप है। पहले घर में घुसकर किया था वार, अब सीधा सीने पर किया प्रहार है।
  7. 22 तारीख के हमले के जवाब में हमने 22 मिनट में आतंकियों के 9 सबसे बड़े ठिकाने तबाह कर दिए। दुनिया ने और देश के दुश्मनों ने भी देख लिया कि जब सिंदूर... बारुद बन जाता है... तो नतीजा क्या होता है।
  8. हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी... तीनों सेनाओं ने मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया।
  9. आज मैं राजस्थान की धरती से देशवासियों से बड़ी नम्रता से कहना चाहता हूं कि को सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है। जो हिंदुस्तान का लहू बहाते थे, आज कतरे-कतरे का हिसाब चुकाया है। जो सोच चुके थे कि भारत चुप रहेगा, आज वो घरों में दुबके पड़े हैं। जो अपने हथियारों पर घमंड करते थे, आज वो मलबे के ढेर में दबे हुए हैं।
  10. पाकिस्तान, भारत से कभी सीधी लड़ाई जीत ही नहीं सकता। उन्होंने कहा ‘‘जब भी सीधी लड़ाई होती है तो बार बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ती है। इसलिए पाकिस्तान ने आतंकवाद को भारत के खिलाफ लड़ाई का हथियार बनाया है।

घुटने टेकने को मजबूर हुआ पाक- पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि राजस्थान की ये वीर धरा हमें सिखाती है कि देश और देशवासियों से बड़ा और कुछ नहीं है। 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों की मांग का सिंदूर उजाड़ दिया था। वो गोलियां पहलगाम में चली थी, लेकिन उन गोलियों से 140 करोड़ देशवासियों के सीना छलनी हुआ था। इसके बाद हर देशवासी ने एकजुट होकर संकल्प लिया था कि आतंकवादियों को मिट्टी में मिला देंगे। उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा देंगे। आज आपके आशीर्वाद से, देश की सेना के शौर्य से, हम सब उस प्रण पर खरे उतरे हैं। हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी... तीनों सेनाओं ने मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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