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Bihar Tiger: आदमखोर के आतंक का अंत...मारा गया वो बाघ जिसने 9 लोगों की ली थी जान

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 8, 2022, 10:04 PM IST

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वन विभाग ने बाघ को मारने के लिए 400 सदस्यीय टीम का गठन किया था। आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए हैदराबाद के एक शार्पशूटर शफात अली को भी बिहार बुलाया गया था। जिसके बाद शनिवार दोपहर बाद आदमखोर बाघ को मार गिराया गया।

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मारा गया आदमखोर बाघ

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • 9 लोगों को अबतक शिकार बना चुका था बाघ
  • सात घंटे तक शिकारियों की टीम करती रही तलाश
  • बाघ पर काबू पाने में असफल रहा था वन विभाग

आतंक का पर्याय बन चुके बिहार के आदमखोर बाघ को शनिवार को मार गिराया गया है। यह बाघ अबतक नौ लोगों का शिकार कर चुका था। जिसके बाद इसे मारने का आदेश दिया गया था।

बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (valmiki tiger reserve) में इस क्रूर आदमखोर बाघ ने कहर बरपा रखा था। जिसका अंत आखिरकार शनिवार दोपहर को एसएसबी जवान की गोलियों ने कर दिया।

इस आदमखोर बाघ ने पिछले चार दिनों में एक बच्चे समेत चार लोगों की जान ले ली थी। जिला वन अधिकारी ने इस मामले को लेकर कहा- "बाघ को मारने के आदेश प्रक्रिया के अनुसार जारी किए जाते हैं, जब यह स्पष्ट हो जाता है कि बाघ, आवासीय इलाकों में रहने का आदी हो गया है। तब कई प्रक्रियाओं के बाद उसे मारने के आदेश दिए जाते हैं।"

इससे पहले मुख्य वन्यजीव वार्डन पीके गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया था कि हैदराबाद और पटना से के बचाव दल बाघ की तलाश कर रहे हैं, ताकि उसे पकड़ा जा सके। उन्होंने कहा- "हमने अब बाघ को गोली मारने का आदेश दिया है। निशानेबाजों की एक टीम काम पर है। जानवर को ट्रैक करने के लिए ड्रोन कैमरे की भी मदद ली जा रही है।"

बताया जा रहा है कि लोगों के बढ़ते गुस्से को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बाघ को मारने के आदेश दिए थे। बढ़ती मौतों से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक दर्जन से अधिक सरकारी और निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। बता दें कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है जो लगभग 900 वर्ग किलोमीटर में फैला है। 2018 तक इस रिजर्व में 40 बाघ थे।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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