Mahagathbandhan Seat Sharing Formula: सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन की शनिवार को हुई बैठक से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई आई है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में कांग्रेस ने 66 सीटों पर लड़ने का दावा किया है।
सीट शेयरिंग फॉर्मूले को लेकर हो रही खींचतान
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने पिछली बार 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार कांग्रेस 4 सीटें कम करके 66 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है, लेकिन राजद अभी बी कांग्रेस के इस फार्मूले को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। राजद के हिसाब से 54 से 60 सीटों के भीतर ही कांग्रेस को संतोष करना पड़ेगा।
2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की थी और 27 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी। कुल मिलाकर 46 सीटों का कांग्रेस का दावा पक्का माना जा रहा है, लेकिन राजद 10 और सीटें बढ़ाने को तैयार है यानी 56 सीटों के आसपास कांग्रेस को मिलने की उम्मीद है।
राजद की दलील है कि गठबंधन में शामिल पशुपति कुमार पारस की पार्टी RLJP, मुकेश सहनी की पार्टी VIP और हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को भी सम्मानजनक सीटें देनी है, जाहिर है बड़ी पार्टियों को ही इसके लिए अपनी सीटों से समझौता करना पड़ेगा तेजस्वी यादव ने बैठक में कांग्रेस को ये साफ़ साफ़ कह दिया है कि एनडीए से लड़ना है तो हर किसी को कॉम्प्रोमाइज करना होगा। सनद रहे कि 2020 विधानसभा चुनाव के दौरान राजद और कांग्रेस ने जहां 144 और 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, वहीं वामदलों ने 29, जबकि एनडीए का हिस्सा रही वीआईपी ने 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।
महागठबंधन में शामिल होने वाली बिहार में छोटी पार्टी पशुपति और हेमंत की पार्टियों को कुछ चुनिन्दा सीटें देने की बातें सामने आ रही हैं, सूत्रों के अनुसार पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को 4 से 5 सीटों का ऑफर है, वहीं हेमंत के झारखंड मुक्ति मोर्चा को झारखंड और बिहार से लगने वाली सीमाई इलाकों के 2 से 3 विधानसभा की सीटें दी जा सकती हैं, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय पार्टियों के सीट बंटवारे को लेकर होने वाले अंतिम फैसले में लिया जाएगा।
