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'नीतीश को सच सुनना नापंसद, जो हां में हां मिलाए वही ठीक...', बोले बिहार BJP चीफ- इस बार किसी कीमत पर न लेंगे वापस

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 12, 2022, 12:17 PM IST

Bihar Politics: वैसे, एक रोज पहले रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि उसने 2020 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन में होने के बावजूद जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के खिलाफ काम किया और कोशिश की कि उसके उम्मीदवारों की हार हो। साथ ही उन्होंने अगले आम चुनाव में भाजपा को करारा जवाब देने का संकल्प लिया।

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बिहार बीजेपी चीफ संजय जयसवाल और सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। (फाइल)

Photo : IANS

Bihar Politics: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चीफ और जल संसाधन पर पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी के चेयरपर्सन संजय जयसवाल ने साफ कर दिया है बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे बंद हो गए हैं। इस बार वे लोग कुमार को किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेंगे। सीएम को सिर्फ वे लोग पसंद हैं, जो उनकी जी-हुजूरी करें।

दरअसल, जयसवाल की ये टिप्पणियां बीजेपी के पूर्व सहयोगी रहे कुमार पर उस बयान को लेकर आईं, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह लोग देश को भाजपा मुक्त कर देंगे। सोमवार (12 दिसंबर, 2022) को एक हिंदी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने यह पूछे जाने पर कि कुढ़नी में हार के बाद तल्खी अधिक बढ़ गई? उन्होंने बताया- कल को अगर उन्हें पलटी मारनी होगी तो कहेंगे कि राजद ने पूरी मेहनत कर के हमें हराया है, इसलिए पलटी मार रहा हूं। लेकिन भाजपा इस बार किसी कीमत पर उनको वापस नहीं लेगी।

क्या महागठबंधन को आगे बढ़कर उनके नाम पर विचार करना चाहिए? इस प्रश्न पर वह बोले- मैं सच बोलता था, पर उन्हें सत्य सुनना बिल्कुल नहीं पसंद है। उन्हें सिर्फ वही तीन व्यक्तियों की बात सुनना पसंद हैं, जो उनकी हां में हां मिलाएं। उनके पास सच सुनने की क्षमता खत्म हो चुकी है, इसलिए बिहार की इतनी दुर्दशा है। सभी से वह अनुरोध कर रहे हैं कि उन्हें पीएम बनाइए, वरना...इस वरना के बहुत से निहितार्थ हैं।

बकौल जयसवाल, "विरोधी दल भी जानते हैं कि उनके पास दो रेडीमेड कपड़े रहते हैं। एक सेक्युलर और दूसरा सांप्रदायिक। जब चाहेंगे एक कपड़ा टागेंगे और दूसरे को पहन लेंगे। आजकल वह ताजा-ताजा सेक्युलर कपड़े पहने हुए हैं, पर पूरा हिंदुस्तान जानता है कि किस सेकेंड अपने कपड़े बदल लेंगे...यह कोई नहीं जानता।"

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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