कर्नाटक के पूर्व CM येदियुरप्पा को यौन उत्पीड़न मामले में बड़ी राहत मिल गई है बताते हैं कि येदियुरप्पा को पॉक्सो मामले (POCSO) में गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया है। साथ ही येदियुरप्पा से जांच में सहयोग करने को कहा। गौर हो कि येदियुरप्पा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
वहीं इससे पहले कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने शुक्रवार को कहा कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है और 'अच्छा' होगा कि वह जल्द ही बेंगलुरु लौट आएं और अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के सामने पेश हों।सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है।
परमेश्वर ने संवाददाताओं से कहा था, 'वारंट जारी कर दिया गया है, उन्हें लाया जाएगा और उनसे जानकारी एकत्र की जाएगी। कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।' येदियुरप्पा के ठिकाने के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा कि ऐसा बताया जा रहा है कि वे दिल्ली गये हैं और 17 जून को वापस आएंगे।उन्होंने कहा, 'अब जबकि वारंट जारी हो गया है तो अच्छा होगा कि वह जल्द वापस आ जाएं।'
येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो के एक मामले में गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट
बेंगलुरु की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो के एक मामले में गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। भाजपा नेता के खिलाफ 14 मार्च को यह मुकदमा दर्ज हुआ था। सीआईडी के विशेष जांच दल ने बुधवार को पूछताछ के लिए येदियुरप्पा के पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग करते हुए 'फास्ट ट्रैक' अदालत का दरवाजा खटखटाया था। येदियुरप्पा ने जांच में शामिल होने के लिए समय मांगा था।
