देश

लोकसभा चुनाव के बाद एक्शन मोड में BJP, कई राज्यों में प्रभारी और सह प्रभारियों की हुई नियुक्ति

BJP Appoints State in-charge: भारतीय जनता पार्टी ने कई राज्यों के लिए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति की है। इसमें अंडमान निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत 24 राज्य शामिल है। यहां देखें किस राज्य में किसे क्या जिम्मेदारी मिली, पूरी लिस्ट।

Image

भाजपा ने कई राज्यों में नियुक्त किए प्रभारी और सह प्रभारी।

Photo : Times Now Digital

New Delhi: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में उम्मीद के हिसाब से परिणाम नहीं मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी फुल ऑन एक्शन मोड में नजर आ रही है। देश के कई राज्यों में भाजपा ने विभिन्न राज्यों के लिए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति कर दी है। विनोद तावड़े के कंधों पर बिहार का प्रभार सौंपा गया है।

भाजपा ने कई राज्यों में नियुक्त किया प्रभारी

इन चुनावी राज्यों का जिम्मा किसे सौंपा गया?

इसी साल हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में झारखंड, जम्मू कश्मीर और हरियाणा में प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति की गई है। जो कई मायनों में अहम मानी जा रही है। सतीश पुनिया को हरियाणा का प्रभार सौंपा गया है, जबकि लक्ष्मीकांत बायजेपी को झारखंड का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं तरुण चुग को जम्मू-कश्मीर का प्रभारी नियुक्त किया गया है। नीचे देखें पूरी सूची...।

  1. अंडमान निकोबार के प्रभारी रघुनाथ कुलकर्णी
  2. अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी अशोक सिंह
  3. बिहार के प्रभारी विनोद तावड़े और सह प्रभारी दीपक प्रकाश
  4. छत्तीसगढ़ के प्रभारी नितिन नबीन
  5. दादरा नगर हवेली और दमन-दीव के प्रभारी दुष्यंत पटेल
  6. गोवा के प्रभारी आशीष सूद
  7. हरियाणा के प्रभारी सतीश पुनिया और सह प्रभारी सुरेंद्र सिंह नागर
  8. हिमाचल प्रदेश के प्रभारी श्रीकांत शर्मा और सह प्रभारी संजय टंडन
  9. जम्मू कश्मीर के प्रभारी तरुण चुग और सह प्रभारी आशीष सूद
  10. झारखंड के प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेयी
  11. कर्नाटक के प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल और सह प्रभारी सुधाकर रेड्डी
  12. केरल के प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर और सह प्रभारी अपराजिता सारंगी
  13. लद्दाख के प्रभारी तरुण चुग
  14. मध्य प्रदेश के प्रभारी महेंद्र सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय
  15. मणिपुर के प्रभारी अजित गोपचड़े
  16. मेघालय के प्रभारी अनिल एंटनी
  17. मिजोरम के प्रभारी देवेश कुमार
  18. नागालैंड के प्रभारी अनिल एंटनी
  19. ओडिशा के प्रभारी विजयभाई रूपाणी और सह प्रभारी लता उसेंडी
  20. पुडुचेरी के प्रभारी निर्मल कुमार सुराणा
  21. पंजाब के प्रभारी विजयभाई रूपाणी और सह प्रभारी नरिंदर सिंह
  22. सिक्किम के प्रभारी दिलीप जायसवाल
  23. उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम और सह प्रभारी रेखा वर्मा
  24. नॉर्थ ईस्ट के को-ऑर्डिनेटर और जॉइंट को-ऑर्डिनेटर वी. मुरलीधरन
ये भी पढ़ें- 'जिसे ऐसी मां मिली है वो विफल नहीं होगा'पीएम मोदी ने साझा ऋषभ पंत की मां के साथ हुई फोन कॉल का किस्सा
Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article