Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय जबरदस्त हलचल मची हुई है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानों के तीर तेजी से चल रहे हैं। एक तरफ जहां टीएमसी के अंदरूनी कलह की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ दल को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हाल ही में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी (Kalyan Banerjee) ने अपनी ही पार्टी के सांसदों पर निशाना साधकर राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी थी।
लेकिन अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मतभेदों की अटकलों के बीच पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने अपने पहले के तेवर नरम कर लिए हैं। ममता बनर्जी को उनके और अभिषेक बनर्जी के बीच चुनने का अल्टीमेटम देने के बाद अब उन्होंने अभिषेक को अपना 'बेटा' बताया है। शनिवार को एएनआई से बातचीत में कल्याण बनर्जी ने कहा, "अभिषेक मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे से गलती हो जाए तो उसे माफ करना पिता का कर्तव्य होता है।" उन्होंने देश में लोकतंत्र पर खतरा होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में कभी विपक्ष को पूरी तरह खत्म करने जैसी स्थिति नहीं रही और बदले की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
यह सब सिर्फ एक नाटक और चाल-कल्याण बनर्जी
वहीं पर लोकसभा अध्यक्ष से मिलने जा रहे टीएमसी के 19 सांसदों पर तंज कसते हुए बनर्जी ने कहा कि यह सब सिर्फ एक नाटक और चाल है। उन्होंने दावा किया कि ये सांसद असल में भाजपा की छत्रछाया में जाने की कोशिश कर रहे हैं। विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जो नेता अपने क्षेत्रों में जाते तक नहीं, वे क्या काम करेंगे? इसके साथ ही कल्याण बनर्जी ने राज्य की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बंगाल में विपक्ष को पुलिस और भाजपा दोनों की तरफ से भारी प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। इसी दौरान उन्होंने अपनी सहयोगी शताब्दी रॉय की तारीफ करते हुए उन्हें सुचित्रा सेन के बाद अगली 'महानायक' भी करार दिया।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: सीएम सुवेंदु अधिकारी से मिलेंगे TMC के बागी सांसद, महुआ मोइत्रा ने याद दिलाया संविधान का 91वां संशोधन
दूसरी तरफ, उत्तर 24 परगना से भाजपा विधायक पवन सिंह ने टीएमसी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि पहले जब केंद्रीय एजेंसियां (CBI और ED) जांच करती थीं, तो टीएमसी सरकार बिल्कुल सहयोग नहीं करती थी। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। जांच एजेंसियां और राज्य की सीआईडी (CID) मिलकर पूरी सख्ती के साथ नेताओं पर शिकंजा कस रही हैं। कुल मिलाकर, बंगाल की सियासत में इस समय पाला बदलने की अटकलों और जांच एजेंसियों की सख्ती ने माहौल को बेहद गर्म कर दिया है। टीएमसी-कांग्रेस विलय की अटकलों पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "हम कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं।"
