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बंगाल में सत्ता बदलते ही VIP सुरक्षा पर कैंची: अभिषेक बनर्जी के बाद अब इन नेताओं की कम हुई सिक्योरिटी, जानें ममता बनर्जी की सुरक्षा का हाल

पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने कई नेताओं, पूर्व अधिकारियों और वीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा में कटौती कर दी है। कल्याण बनर्जी, राजीव कुमार, कुणाल घोष समेत कई लोगों के घरों से अतिरिक्त पुलिस बल हटाया गया है।

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ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी।

Photo : PTI

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार ने खतरे के आकलन (Threat Assessment)के आधार पर कई नेताओं, पूर्व अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों की सुरक्षा में कटौती कर दी है। इस फैसले के तहत कई लोगों के घरों के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया है और व्यक्तिगत सुरक्षा में लगे जवानों की संख्या भी घटाई गई है।

जिन लोगों की सुरक्षा में बदलाव किया गया है, सबसे प्रमुख नामों में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी, पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी, बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष, कोलकाता के पूर्व महापौर और तृणमूल कांग्रेस नेता सोवन चटर्जी, राज्यसभा सदस्य और राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, सेवानिवृत्त डीजीपी मनोज मालवीय और पूर्व कार्यवाहक डीजीपी पीयूष पांडे सहित कई लोगों की सुरक्षा घटा दी गई है।

आखिर क्यों घटाई गई सुरक्षा?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में एक व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें यह देखा गया कि किन लोगों को वास्तव में अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत है और कौन लोग केवल अपने संवैधानिक या वर्तमान पद के हिसाब से सुरक्षा पाने के हकदार हैं। इसी समीक्षा के बाद फैसला लिया गया कि जिन व्यक्तियों को पहले विशेष परिस्थितियों या पुराने पदों के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा दी गई थी, उन्हें अब सामान्य श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि अरूप विश्वास को पहले राज्य मंत्री होने के कारण उच्च स्तरीय सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन अब वह न मंत्री हैं और न विधायक,इसलिए उनकी सुरक्षा घटा दी गई। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि सारदा घोटाला मामले में जमानत मिलने के बाद कुणाल घोष ने हमलों की आशंका जताई थी और अदालत के निर्देशों पर उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई थी। उन्होंने बताया कि घोष को अब केवल विधायक के रूप में मिलने वाली सुरक्षा ही दी जाएगी।

कल्याण बनर्जी और राजीव कुमार को क्या मिलेगी सुरक्षा?

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कल्याण बनर्जी और राजीव कुमार को पूरी तरह सुरक्षा से वंचित नहीं किया गया है। दोनों को उनके मौजूदा पदों के अनुरूप सुरक्षा मिलती रहेगी। यानी सांसद होने के नाते उन्हें मिलने वाली निर्धारित सुरक्षा जारी रहेगी,लेकिन अतिरिक्त स्तर की सुरक्षा वापस ले ली गई है।

अभिषेक बनर्जी से शुरू हुई थी समीक्षा

यह पूरी प्रक्रिया तब शुरू हुई जब नई सरकार ने सबसे पहले अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। सरकार ने उनकी ‘Z-Plus’ सुरक्षा हटाने के साथ-साथ विशेष पायलट कार सुविधा भी बंद कर दी। उनके कालीघाट स्थित घर और कैमक स्ट्रीट कार्यालय के बाहर तैनात अतिरिक्त पुलिस बल भी हटाया गया।

ममता बनर्जी की सुरक्षा पर नहीं होगा असर

हालांकि सरकार ने साफ किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई कटौती नहीं की जाएगी। प्रशासन ने कोलकाता पुलिस को निर्देश दिए हैं कि उनके आवास, यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और किसी भी तरह की चूक न हो।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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