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बारुईपुर रेप-मर्डर केस: 'मैं खुद भुक्तभोगी रह चुकी हूं', एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी की पत्नी बोली-कोई पछतावा नहीं

अधिकारियों के अनुसार आरोपी की पहचान प्रभास मंडल के रूप में हुई जिसे इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि बच्ची के लापता होने से पहले सीसीटीवी फुटेज में मंडल को उसके साथ देखा गया था।

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बारुईपुर रेप-मर्डर केस के मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर।

Baruipur rape murder: बारुईपुर रेप-मर्डर केस के आरोपी की कथित एनकाउंटर में मौत के बाद उसकी पत्नी ने प्रतिक्रिया दी है। आरोपी की पत्नी ने कहा कि वह यह नहीं कह सकती कि उसका पति निर्दोष था क्योंकि शादी के बाद से ही वह उसे प्रताड़ित करता आ रहा था। अपने पति की मौत के बारे में जब चंपा मंडल को खबर मिली तो उसने मीडिया से बातचीत में कहा कि काम न होने की वजह से उसका पति प्रभास मंडल ज्यादातर समय घर पर ही रहता था।

चंपा ने कहा, 'प्रभास ने ही यह अपराध किया है कि नहीं, मैं यह नहीं कह सकती लेकिन शादी के बाद मैंने उसका व्यवहार देखा था। उसके साथ रहते हुए मैंने काफी प्रताड़ना झेली। इस मामले में जब उसका नाम आया तो मुझे लगा कि वह ऐसा कुछ कर सकता है।' बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या करने के मामले के मुख्य आरोपियों में से एक पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

पुलिस को गुमराह कर रहा था मंडल

यह मुठभेड़ मई में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद इस तरह की पहली पुलिस कार्रवाई है। पुलिस की यह कार्रवाई इस घटना को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच हुई है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी की पहचान प्रभास मंडल के रूप में हुई जिसे इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि बच्ची के लापता होने से पहले सीसीटीवी फुटेज में मंडल को उसके साथ देखा गया था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंडल पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कथित तौर पर गुमराह कर रहा था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, जिसके कारण जांच टीम घटना की कड़ियों को जोड़ने और अपराध में उसकी भूमिका का पता लगाने के लिए उसे मंगलवार रात 12 बजकर 45 मिनट पर दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यपुर ले गई थी।

सरकारी पिस्तौल छीनी और भागने का प्रयास किया

उन्होंने कहा, 'इसी दौरान, उसने अचानक एक पुलिसकर्मी से उसकी सरकारी पिस्तौल छीनी और भागने का प्रयास किया। मंडल ने पुलिस टीम पर एक गोली भी चलाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।’मंडल को बारुईपुर उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए आरोपी का मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा भरा जाएगा, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जाएगा। पुलिस की एक टीम ने बुधवार सुबह मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया और कथित गोलीबारी से जुड़े साक्ष्यों की वीडियोग्राफी की।

बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया

जांचकर्ताओं का दावा है कि मंडल इस वारदात में शामिल था और वही बच्ची को मुख्य आरोपियों के पास ले गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, इसके बदले मंडल को 10,000 रुपये देने का कथित तौर पर वादा किया गया था। उन्होंने बताया कि मंडल पीड़िता को उस समय बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया था, जब वह अपने दोस्त के लिए जन्मदिन का उपहार खरीदने घर से निकली थी। उन्होंने बताया कि वह अपराध के समय भी वहीं मौजूद था। आरोपी मंडल की मां संध्या मंडल ने यह कहते हुए शव को लेने से इनकार कर दिया कि उसे अपने कर्मों का फल मिल गया है।

4 जुलाई को लापता हुई थी लड़की

चार जुलाई को लापता हुई लड़की का शव अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक तालाब से एक बोरे में मिला था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिला है कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया, सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई गई और फिर उसे बोरे में बंद करके जीवित ही तालाब में फेंक दिया गया। उसने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के निजी अंगों पर चोट समेत कई घाव के निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलता है कि उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था या उसे किसी कठोर सतह पर जोर से पटका गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि सिर में गंभीर चोट लगने से अत्यधिक रक्तस्राव और डूबने के कारण बच्ची की मौत हुई।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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