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अनमोल बिश्नोई से सीधे ऑर्डर ले रहा था गिरफ्तार आरोपी आकाशदीप, बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में हुए बड़े खुलासे

Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में गिरफ्तारी आरोपी आकाशदीप गिल ने खुलासा किया है कि वह अनमोल के कहने पर ही वह बाबा सिद्दीकी मर्डर के अन्य आरोपी शुभम लोनकर और जीशान अख्तर के संपर्क में आया था। गिल के मुताबिक वह बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश में शामिल था और उसने कई अहम लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराये थे।

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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड।

Photo : ANI

Baba Siddiqui Murder Case: एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड मामले में अहम खुलासे हुए हैं। पंजाब के फाजिल्का से गिरफ्तार किये गए आरोपी आकाशदीप गिल ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया है कि वह गैंगस्टर लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई के संपर्क में था। वह उसके दिए गए निर्देशों को गिरफ्तार आरोपी सुजीत सिंह और तीनों शूटरों शिव कुमार गौतम, धर्मराज कश्यप और गुरनेल सिंह तक पहुंचाता था।

पूछताछ में गिल ने यह भी खुलासा किया कि बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश से लेकर हत्या तक अनमोल बिश्नोई से उसकी कई बार बात हुई थी। अनमोल के कहने पर ही वह बाबा सिद्दीकी मर्डर के अन्य आरोपी शुभम लोनकर और जीशान अख्तर के संपर्क में आया था और उनके निर्देशों को शूटरों तक पहुंचाने लगा था। गिल के मुताबिक वह बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश में शामिल था और उसने कई अहम लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराये थे।

शूटर शिवकुमार गौतम ने भी किए थे कई खुलासे

बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल एक और आरोपी और मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम ने भी पूछताछ में कई अहम खुलासे किये है। गौतम ने पूछताछ में बताया है कि उन्हें मुंबई आने के बाद शुभम लोनकर ने टारगेट बताया था। गौतम ने बताया कि वह शुभम लोनकर को तीन सालों से जानता है। पुणे में शुभम ने उससे कहा था कि एक शख्स को मारना है, जिसका सम्बन्ध गैंगस्टर से है। शुभम ने उससे पूछा था कि क्या वो यह काम करने के लिए राजी है। जिसके जवाब में गौतम ने उससे दो दिन का समय मांगा था। दो दिनों के बाद गौतम काम करने के लिए तैयार हो गया था और उसने धर्मराज कश्यप को भी उसमें शामिल कर लिया था। जिसके बाद सुनियोजित तरीके से बाबा सिद्दीकी मर्डर को अंजाम दिया गया। गौतम ने पूछताछ में यह भी बताया कि शुभम लोनकर ने उन्हें फंसाया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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