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अस्पतालों में और जल्दी होगा OPD रजिस्ट्रेशन! चालू हुई यह सेवा, जानें- कैसे करेगी काम?

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  • Updated Oct 7, 2022, 09:42 AM IST

अपने टोकन नंबर के अनुसार, मरीज पंजीकरण काउंटर पर जा सकते हैं और सीधे डॉक्टर से परामर्श के लिए अपनी आउट पेशेंट पर्ची (ओपी स्लिप) प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि उनका विवरण पंजीकरण काउंटर पर पहले से मौजूद है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) अपनी प्रमुख योजना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत नई दिल्ली में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) और श्रीमती सुचेता कृपलानी हॉस्पिटल (एसएसकेपी) के नए ओपीडी ब्लॉक में तेजी से ओपीडी पंजीकरण सेवा के लिए एक पायलट शुरू कर रहा है। यह जानकारी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार (छह अक्टूबर, 2022) को दी।

बयान में बताया गया कि यह सेवा पुराने और साथ ही नए रोगियों को केवल एक क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करने और अस्पताल के साथ अपने डेमोग्राफिक डिटेल जैसे नाम, पिता का नाम, आयु, लिंग, पता, मोबाइल नंबर आदि शेयर करने की अनुमति देती है।

दरअसल, यह ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर लगने वाले समय को कम करने में मदद करता है। साथ ही अस्पताल के रिकॉर्ड में सटीक डेटा प्रदान करता है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लंबी कतारों में इंतजार करने से बचाता है। इस सर्विस को जल्द ही बाकी स्वास्थ्य सुविधाओं और विभागों में विस्तारित करने की योजना है।

क्यूआर कोड आधारित ओपीडी रजिस्ट्रेशन सर्विस रोगियों को मोबाइल फोन (फोन कैमरा/स्कैनर/आभा ऐप/आरोग्य सेतु ऐप/या किसी अन्य एबीडीएम सक्षम ऐप का उपयोग करके) के साथ अस्पताल के अद्वितीय क्यूआर कोड को स्कैन करने और अपने प्रोफ़ाइल डिटेल शेयर करने की मंजूरी देती है। एक बार प्रोफ़ाइल शेयर करने के बाद हॉस्पिटल एक टोकन नंबर (कतार संख्या) देता है।

जेनरेट किया गया टोकन रोगी के सेलेक्ट किए ऐप पर एक नोटिफिकेशन के तौर पर भेजा जाता है और रोगियों की आसानी के लिए ओपीडी पंजीकरण काउंटरों पर दिखने वाली स्क्रीन पर भी दिखता है। अपने टोकन नंबर के अनुसार, मरीज पंजीकरण काउंटर पर जा सकते हैं और सीधे डॉक्टर से परामर्श के लिए अपनी आउट पेशेंट पर्ची (ओपी स्लिप) प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि उनका विवरण पंजीकरण काउंटर पर पहले से मौजूद है।

Abhishek Gupta
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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