Ayodhya Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले को लेकर एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। लव कुश मिश्रा को एसआईटी ने हिरासत में लिया है। उम्मीद जताई जा रही पूछताछ में कई खुलासे किए जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान मंदिर में चढ़ावे की राशि गिनने वाले कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। युवक रुदौली के शुजागंज क्षेत्र के मीनापुर फगौली गांव का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि कुछ रकम घर की अलमारी में रखी गई थी, जबकि कुछ नकदी गोबर के ढेर में दबाकर छिपाई गई थी. बरामद धनराशि के स्रोत को लेकर फिलहाल जांच जारी है।
एसआईटी के निशाने पर टिन्नू
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सबसे करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम इस गबन में सामने आया है। अयोध्या में कभी मामूली ऑटो रिक्शा चलाने वाले और महज एक पुरानी बाइक से घूमने वाले टिन्नू के पास आज अयोध्या और लखनऊ जैसे महानगरों में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी चल-अचल संपत्तियां मौजूद हैं।
इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी खूब हो रही है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा,"अयोध्या का भंडाफोड़ अधर्मियों के ‘शताब्दी समारोह’ को ‘समाप्ति समारोह’ बना देगा।
15 दिन और इंतजार कर लें: सीएम योगी
वहीं, इस मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। सीएम योगी ने कहा कि इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। वह दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। सीएम ने कहा कि राम मंदिर के लिए लोगों ने 500 सालों तक इंतजार किया। इस जांच के लिए वे 15 दिन और इंतजार कर लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चोरी मामले में यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो वह एसआईटी को दे। साथ ही सीएम ने समाजवादी पार्टी (सपा) को भी आडे़ हाथ लिया। उन्होंने कहा कि 'राम भक्तों पर गोली चलाने और जय श्री राम बोलने पर लाठी भांजने वाले लोग आज उपदेश देने चले हैं।'
