अयोध्या राम मंदिर के शिखर पर लहराया गया धर्म ध्वज, तस्वीरों में देखें आज का सुखद नजारा

Authored by: नितिन अरोड़ाUpdated Nov 25 2025, 14:30 IST
 प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय श्री राम' के नारों की गूंज के बीच भगवा ध्वज फहराया। इस अनुष्ठान के साथ ही मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया। मोदी ने राम मंदिर ध्वजारोहण को 'युगांतकारी' की संज्ञा देते हुए कहा कि 'सदियों के जख्म और दर्द भर रहे हैं' क्योंकि 500 साल पुराना संकल्प आखिरकार राम मंदिर के औपचारिक निर्माण के साथ पूरा हो रहा है।01 / 07

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय श्री राम' के नारों की गूंज के बीच भगवा ध्वज फहराया। इस अनुष्ठान के साथ ही मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया। मोदी ने राम मंदिर ध्वजारोहण को 'युगांतकारी' की संज्ञा देते हुए कहा कि 'सदियों के जख्म और दर्द भर रहे हैं' क्योंकि 500 साल पुराना संकल्प आखिरकार राम मंदिर के औपचारिक निर्माण के साथ पूरा हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान श्रीराम और मां सीता की 'विवाह पंचमी' के अभिजीत मुहूर्त पर तिकोने झंडे का आरोहण किया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुसार ध्वज पर 'भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूर्य की तस्वीर है। इस पर कोविदार वृक्ष की तस्वीर के साथ ओम लिखा है।' कहा गया कि भगवा ध्वज 'रामराज्य के आदर्शों को दिखाते हुए गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा।'02 / 07

प्रधानमंत्री मोदी ने मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान श्रीराम और मां सीता की 'विवाह पंचमी' के अभिजीत मुहूर्त पर तिकोने झंडे का आरोहण किया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुसार ध्वज पर 'भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूर्य की तस्वीर है। इस पर कोविदार वृक्ष की तस्वीर के साथ ओम लिखा है।' कहा गया कि भगवा ध्वज 'रामराज्य के आदर्शों को दिखाते हुए गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा।'

यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में बने शिखर पर फहराया गया, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय वास्तु शैली में डिजाइन किया गया घेरा) मंदिर की शिल्प विविधता को दिखाता है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 प्रसंग बारीकी से पत्थरों पर उकेरे गए हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग अंकित हैं।03 / 07

यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में बने शिखर पर फहराया गया, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय वास्तु शैली में डिजाइन किया गया घेरा) मंदिर की शिल्प विविधता को दिखाता है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 प्रसंग बारीकी से पत्थरों पर उकेरे गए हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग अंकित हैं।

ध्वजारोहण के मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भी मौजूद रहे।04 / 07

ध्वजारोहण के मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पूरा देश और दुनिया भगवान राम में डूबी हुई है। उन्होंने कहा, 'आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है।' मोदी ने कहा कि पवित्र ध्वज इस बात का सबूत होगा कि 'असत्य पर आखिरकार सत्य की जीत होती है।' प्रधानमंत्री ने समारोह में यह भी कहा, '2047 तक जब हम भारत की आजादी के 100 साल पूरे कर लेंगे, तो हमें एक विकसित भारत बनाना होगा।'05 / 07

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पूरा देश और दुनिया भगवान राम में डूबी हुई है। उन्होंने कहा, 'आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है।' मोदी ने कहा कि पवित्र ध्वज इस बात का सबूत होगा कि 'असत्य पर आखिरकार सत्य की जीत होती है।' प्रधानमंत्री ने समारोह में यह भी कहा, '2047 तक जब हम भारत की आजादी के 100 साल पूरे कर लेंगे, तो हमें एक विकसित भारत बनाना होगा।'

मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में कहा कि 'राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक मूल्य हैं, एक मर्यादा हैं, एक दिशा हैं और अगर भारत को 2047 तक विकसित बनाना है, अगर समाज को शक्तिशाली बनाना है तो हमें अपने भीतर राम को जगाना होगा।'06 / 07

मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में कहा कि 'राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक मूल्य हैं, एक मर्यादा हैं, एक दिशा हैं और अगर भारत को 2047 तक विकसित बनाना है, अगर समाज को शक्तिशाली बनाना है तो हमें अपने भीतर राम को जगाना होगा।'

ध्वजारोहण समारोह को ऐतिहासिक करार देते हुए मोदी ने कहा, 'यह धर्म ध्वजा केवल ध्वजा नहीं, यह भारतीय सभ्‍यता के पुनर्जागरण का ध्‍वज है। इसका भगवा रंग, इस पर रचित सूर्यवंश की ख्‍याति, वर्णित शब्द 'ओम' और अंकित कोविदार वृक्ष राम राज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करते हैं। यह ध्‍वज संकल्प है, यह ध्‍वज सफलता है, यह ध्‍वज संघर्ष से सृजन की गाथा है, यह ध्‍वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरूप है।'07 / 07

ध्वजारोहण समारोह को ऐतिहासिक करार देते हुए मोदी ने कहा, 'यह धर्म ध्वजा केवल ध्वजा नहीं, यह भारतीय सभ्‍यता के पुनर्जागरण का ध्‍वज है। इसका भगवा रंग, इस पर रचित सूर्यवंश की ख्‍याति, वर्णित शब्द 'ओम' और अंकित कोविदार वृक्ष राम राज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करते हैं। यह ध्‍वज संकल्प है, यह ध्‍वज सफलता है, यह ध्‍वज संघर्ष से सृजन की गाथा है, यह ध्‍वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरूप है।'

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