Atiq Ahmed Shoot Out: माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सुरेश कुमार खन्ना ने कहा है कि यह एक आसमानी फैसला है, जिसे सभी को स्वीकार कर लेना चाहिए।
दरअसल, खन्ना की यह टिप्पणी समाचार एजेंसी एएनआई के उस सवाल पर आई, जिसमें उनसे अहमद बंधुओं की हत्या पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी। वह बोले- देखिए, जब जुल्म की इंतहा होती है या अपराध की पराकाष्ठा होती है, तब कुछ फैसले आसमान से होते हैं। मैं समझता हूं कि यह कुदरत का फैसला है।
बकौल योगी के मंत्री, "घटनाक्रम पर किसी प्रकार के कमेंट की जरूरत नहीं है। बाकी तो पूरी परिस्थिति जब सामने आएगी तब हम कहेंगे। लेकिन जितना हमें पता चला है और जो कुछ मैंने टीवी पर देखा है, उसके बाद यही कह सकते हैं किए एक तरह का आसमानी फैसला है।"
लगातार जब जुल्म बढ़ता है तब कुदरत भी सक्रिय हो जाती है और अपनी तरह से फैसला करती है। ऐसे में मैं इनके बारे में जो कुछ भी सामने आया कि कितने केस थे और किस-किस केस में गवाही भी नहीं होती थी। मैं समझता हूं कि यह एक आसमानी फैसला है और इसे सभी को स्वीकार लेना चाहिए।
15 अप्रैल की रात 10 बजे के करीब अहमद और उसके भाई अशरफ की यूपी के प्रयागराज में तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर के हत्या कर दी। यह पूरी घटना तब घटी, जब पुलिस दोनों को वहां एक मेडिकल कॉलेज लेकर जा रही थी। पूरा सनसनीखेज वाकया वहां मीडिया वालों के कैमरों में भी दर्ज हो गया, क्योंकि मेडिकल जांच के लिए पुलिस दोनों को जब अस्पताल ले जा रही थी, तब मीडियाकर्मी भी उनके साथ चल रहे थे।
काल्विन हॉस्पिटल के आकस्मिक चिकित्सा विभाग के सामने अतीक और अशरफ की तीन युवकों ने उस समय करीब से गोली मारकर हत्या कर दी, जब अतीक अहमद से पत्रकार कुछ सवाल कर रहे थे। इस बीच, तीन लोग वहां पहुंचे थे और उन्होंने अतीक-अशरफ पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। (ANI-PTI इनपुट्स के साथ)
