जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र सोमवार को श्रीनगर में तीन पूर्व मंत्रियों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुआ। बीजेपी विधायकों ने नारे लगाए और हाथों में प्लेकार्ड लेकर खड़े हो गए। सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा हुआ, जब विपक्षी बीजेपी ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी, नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों की मांगों और दिहाड़ी मजदूरों को नियमित करने जैसे कई जन-मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र आज श्रीनगर में तीन दिवंगत पूर्व मंत्रियों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुआ।
बीजेपी ने जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा
श्रद्धांजलि सभा के बाद, विपक्षी बीजेपी विधायकों ने जनहित से जुड़े कई मुद्दे उठाए। इनमें नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों का हालिया विरोध-प्रदर्शन, दिहाड़ी मजदूरों को नियमित करने की मांग, और पानी व बिजली की आपूर्ति जैसे मुद्दे शामिल थे। उन्होंने सरकार से NHM कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान करने और दिहाड़ी मजदूरों के काम करने की स्थितियों में सुधार करने का आग्रह किया। बीजेपी सदस्यों ने विधानसभा में नारे लगाए और हाथों में प्लेकार्ड लेकर खड़े रहे।
सेशन की शुरुआती कार्यवाही के दौरान पार्टी ने बिजली की दरों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ये कदम BJP की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत वे पूरे सेशन के दौरान रोजगार से जुड़े मामलों, आउटसोर्सिंग की प्रथाओं, बिजली की दरों और जनहित के अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
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सरकार की आलोचना करते हुए विरोध कर रहे विधायक सदन के 'वेल' (बीच के हिस्से) में आ गए, जिससे भारी हंगामा हुआ। BJP ने पहले ही संकेत दिया था कि सेशन के दौरान NHM, ASHA और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, दिहाड़ी मज़दूरों, बिजली की दरों, नौकरियों और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
'गिरती हुई सरकार को एक धक्का और दो'
बीजेपी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जैसे 'यह सरकार निकम्मी है' और 'गिरती हुई सरकार को एक धक्का और दो'। उन्होंने यह नारा भी लगाया, 'बिजली-पानी न दे सकी, वह सरकार निकम्मी है'।
'बीजेपी विधायक प्लेकार्ड लेकर नारे लगाते रहे'
हालांकि, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने निर्देश दिया कि बीजेपी के प्रदर्शन को रिकॉर्ड न किया जाए और सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने का आग्रह किया ताकि विधायी कामकाज आगे बढ़ सके। स्पीकर के निर्देश के बावजूद, बीजेपी विधायक प्लेकार्ड लेकर नारे लगाते रहे, जिससे सदन में शोर-शराबे और हंगामे का माहौल बन गया।
'यह लोगों की उम्मीदों और अपेक्षाओं का मामला है'
विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि विधानसभा सत्र लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने का एक मौका है। शर्मा ने कहा, 'यह लोगों की उम्मीदों और अपेक्षाओं का मामला है। जम्मू-कश्मीर के लोगों की नजरें इस सत्र पर टिकी हैं कि सरकार लोगों के लिए क्या कहेगी, उसने कौन से वादे पूरे किए हैं और उसकी भविष्य की योजनाएं क्या हैं। विपक्ष की यह जिम्मेदारी है कि वह उस वर्ग की आवाज उठाए जिसे नज़रअंदाज किया गया है। मुझे उम्मीद है कि यह सत्र लोगों के कल्याण के लिए सकारात्मक रहेगा।'
