देश

Atiq Ahmed: सुपुर्द-ए-खाक हुआ अतीक और अशरफ, कब्रिस्तान पहुंचे थे काफी लोग, नहीं पहुंची बीवी

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 17, 2023, 01:13 AM IST

Atiq Ahmed funeral: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस मौके पर उसके नाबालिग बेटे और चंद्र रिश्तेदार मौजूद थे।

Atiq Ahmed funeral: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार शाम तीन हमलावरों की ताबड़तोड़ गोलियों के ढेर हुए माफिया-राजनेता पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच दफना दिया गया यानी सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे। लेकिन पत्नी नहीं पहुंची। इससे पहले पोस्टमार्टम के बाद अतीक और अशरफ के शव शाम करीब साढ़े छह बजे कब्रिस्तान लाए गए। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कब्रिस्तान परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। 5 हजार अतिरिक्त पुलिस तैनात किए गए।

वर्ष 2004 में इलाहाबाद की फूलपुर सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद और उससे पहले कुल 5 बार विधायक रहे अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के शवों को दफनाने के दौरान उसके कुछ चुनिंदा दूर के रिश्तेदार ही इस मौके पर मौजूद रहे। करीबी रिश्तेदार यानी अतीक की पत्‍नी शाइस्‍ता परवीन और उसके नाबालिग बेटे एहजान और अबान में से कोई भी मौजूद नहीं रहा। दोनों शवों को अतीक के बेटे असद की कब्र के पास ही दफनाया गया, जिसे पिछले गुरुवार को झांसी में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के साथ हुई कथित मुठभेड़ में मारे जाने के बाद शनिवार की सुबह इसी कब्रिस्तान में दफनाया गया था।

अतीक के रिश्तेदारों के अलावा अन्य लोगों को आधार कार्ड देखकर ही कब्रिस्तान में दाखिल होने दिया गया। दोनों शव पहुंचने के बाद उनके अंतिम संस्कार की रस्म में शुरू की गई और इस दौरान कब्रिस्तान में कुछ महिलाएं भी मौजूद रहीं। शनिवार को हुए अतीक के बेटे असद के अंतिम संस्कार के दौरान तैनात पुलिस बल के मुकाबले आज दोगुनी चौकसी रही। दंगा नियंत्रण वाहन भी बुलाया गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी डीसीपी गंगानगर, डीसीपी सिटी और डीसीपी यमुनानगर समेत आला अधिकारी मौजूद रहे। अंतिम संस्कार देर में होने की संभावना के मद्देनजर प्रकाश की व्यवस्था की गई है और कब्रिस्तान के गेट के पास के एक मकान की छत पर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद रहे।

गौर हो कि कि उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई पूर्व विधायक अशरफ की शनिवार देर रात पुलिस द्वारा मेडिकल परीक्षण कराकर वापस ले जाए जाते वक्त तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी थी।

उधर योगी सरकार ने इस हत्याकांड की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर जज न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी (द्वितीय) की अगुवाई में एक न्यायिक आयोग गठित किया है। इस मामले में दर्ज रिपोर्ट में पुलिस ने दावा किया है कि तीनों हमलावरों ने अपने इकबालिया बयान में कहा है कि वे अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर राज्य में अपनी पहचान बनाना चाहते थे। बहरहाल, तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें