Atiq Ahmed Crime History: अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद के गुनाह इतने हैं कि आप गिनते-गिनते थक जाएंगे। एक दो नहीं बल्कि 100 से ज्यादा मामले इनके खिलाफ दर्ज थे। ये तो वो मामले हैं जो दर्ज हो पाए, न जाने ऐसे कितने ही मामले रहे होंगे जो आज तक इनके खौफ से पुलिस के पास पहुंच ही नहीं पाए। हाल ये था कि जज तक इनके मुकदमों से खुद को अलग कर लेते थे। प्रयागराज से अतीक अहमद ने जयराम की दुनिया में कदम रखा था और उसी प्रयागराज में उसका अंत भी हुआ है।
10वीं फेल था अतीक
अतीक अहमद का परिवार गरीब था, पिता तांगा चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। अतीक जब 10वीं में गया तो स्थानीय बदमाशों के साथ संगत लग गई, इसके बाद जब अतीक 10वीं में फेल हुआ तो पूरी तरह से अपराध की दुनिया में उतर गया। शुरुआत गली के गुंडे से हुई। पैसों की चाहत में लूट, अपहरण और रंगदारी करने लगा। 17 साल की उम्र में पहला मर्डर
अतीक धीरे-धीरे क्राइम की दुनिया में अपना नाम कमाने लगा था, इसी बीच जब वो 17 साल का हुआ तब पहली बार उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ। इस दौरान अतीक पुलिस और नेता के साथ गठजोड़ कर चुका था। अतीक तो चांद बाबा ने पनाह दिया था। चांद बाबा की तब प्रयागराज में तूती बोलती थी।
गुरु की हत्या
धीरे-धीरे अतीक अपने गुरु चांद बाबा से भी आगे निकल गया। जिस गुरु ने कभी उसे पनाह दिया था, उसी चांद बाबा के खिलाफ अब अतीक खड़ा हो चुका है। जब चांद बाबा उसकी राहों में आए तो उसने चांद बाबा को भी बीच सड़क गोली मार दिया था।
अतीक और उसके भाई अशरफ के गुनाहों की लिस्ट है लंबी
- अतीक अहमद के खिलाफ 100 और उसके पूरे परिवार के खिलाफ 160 से ज्यादा मामले दर्ज थे, ध्यान रखिए ये सिर्फ वो मामले हैं जो दर्ज हुए, बाकी पता नहीं कितने मामले आजतक पुलिस की डायरी में दर्ज नहीं हो पाए होंगे।
- अतीक अहमद के खिलाफ 1979 से अब तक 101 मुकदमा दर्ज हुए जबकि अशरफ के खिलाफ 57 मुकदमे दर्ज थे।
- अतीक पर हत्या, हत्या की कोशिश, किडनैपिंग, रंगदारी जैसे 100 से अधिक मामले दर्ज थे।
- 1989 में चांद बाबा की हत्या, 2002 में नस्सन की हत्या का आरोप था।
- 2004 में मुरली मनोहर जोशी के करीबी बीजेपी नेता अशरफ की हत्या की।
- 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या की। इसकी के गवाह उमेशपाल को इस साल मार डाला।
- अतीक के खौफ का आलम यह था कि साल 2012 में जब उसने हाइकोर्ट में जमानत की अर्जी दी तो 10 जजों ने केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
- यही कारण था कि अतीक से पीड़ितों और उसके दुश्मनों की संख्या काफी ज्यादा थी।
- 2005 में राजू पाल की हत्या के बाद पुलिस जब राजू पाल की बॉडी को लेकर जा रही थी, तो उसने 56 किलोमीटर तक उसका पीछा किया था और मेडिकल कॉलेज में डेड बॉडी पर गोलियां चलाई थी।
- 2007 में जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे, तब अतीक के भाई अशरफ ने मदरसे से 2 लड़कियों को उठा उनका रेप किया और बाद में उन्हें मदरसे में छोड़ दिया।
