Assembly Elections 2026 Date and Full Schedules: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने रविवार को तारीखों की घोषणा कर दी है। पश्चिम बंगाल को छोड़कर बाकी के राज्यों में एक ही चरण में चुनाव संपन्न होंगे, जबकि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए दो चरणों में क्रमश: 152 और 142 सीटों के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होंगे।
कितने वोटर्स करेंगे मतदान?
चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के कुल 17.4 करोड़ मतदाता चुनावी पर्व में शामिल होंगे। पांच राज्यों की कुल 824 विधानसभा के लिए कुल 2.19 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इन चुनावों में 25 लाख से ज्यादा चुनाव कर्मचारी जिसमें सुरक्षा बल भी शामिल हिस्सा लेंगे।
कब कहां होंगे चुनाव
| क्रमांक | राज्य | विधानसभा सीटें | मतदान | रिजल्ट |
| 1 | पश्चिम बंगाल | 294 (152 और 142) | 23 अप्रैल और 29 अप्रैल | 4 मई |
| 2 | असम | 126 | 9 अप्रैल, 2026 | 4 मई |
| 3 | तमिलनाडु | 234 | 23 अप्रैल, 2026 | 4 मई |
| 4 | केरल | 140 | 9 अप्रैल, 2026 | 4 मई |
| 5 | पुडुचेरी | 30 | 9 अप्रैल, 2026 | 4 मई |
आदर्श चुनाव आचार संहिता कब से होगी लागू
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई। इससे पहले क्या घोषणाएं हुईं वो मुख्यमंत्री के ऊपर है। उन्होंने कहा कि बंगाल में दो चरण में चुनाव सभी के लिए सुविधाजनक है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के बाद हिंसा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, ''राजनीतिक हिंसा और चुनावों को प्रभावित करने वाली किसी भी घटना को चुनाव आयोग बर्दास्त नहीं करेगा और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।''
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति मतदान केंद्र पर मतदाताओं की औसत संख्या 750-900 है। कुमार ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान अच्छा काम करने के लिए बीएलओ को बधाई भी दी। उन्होंने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारी हर दो घंटे में मतदान प्रतिशत अपलोड करेंगे और चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद मतदान के आंकड़े अपलोड किए जाएंगे।
EC ने चुनाव तैयारियों की समीक्षा की
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में चुनाव आयोग की टीम ने इन सभी चुनावी राज्यों का दौरा किया। इस दौरान आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव भी प्राप्त किए।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, आईजी, डीआईजी और विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों के साथ भी बैठकें कीं। इसके अलावा आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) के साथ भी बैठक कर चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया।
विधानसभा का कब खत्म हो रहा कार्यकाल
असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। असम की 126 विधानसभा सीटों में से 98 सीटें सामान्य, 9 एससी और 19 सीटें एसटी कैटगरी के लिए आरक्षित हैं। वहीं, केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और वहां की 140 विधानसभा सीटों में से 124 सीटें सामान्य, 14 एससी और 2 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं।
| क्रमांक | राज्य | कब तक है कार्यकाल |
| 1 | पश्चिम बंगाल | 07/05/2026 |
| 2 | असम | 20/05/2026 |
| 3 | तमिलनाडु | 10/05/2026 |
| 4 | केरल | 23/05/2026 |
| 5 | पुडुचेरी | 15/06/2026 |
उपचुनाव का भी ऐलान
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा, "गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नगालैंड और त्रिपुरा की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे। इसका शेड्यूल इस तरह होगा कि गोवा, कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा की विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को और गुजरात और महाराष्ट्र की विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को चुनाव होंगे, जबकि 4 मई को ही चुनावी नतीजे सामने आएंगे।''
बंगाल में TMC-BJP के बीच सीधी टक्कर
पश्चिम बंगाल में आमतौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC), भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता है। हालांकि, राज्य में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी का मजबूत जनाधार है, खासकर ग्रामीण और अल्पसंख्यक वोटरों के बीच, लेकिन भाजपा भी पिछले कुछ वर्षों में मुख्य विपक्षी पार्टी की भूमिका में नजर आई है और हिंदुत्व व विकास के मुद्दों को लेकर ममता बनर्जी को चुनौती देती हुई प्रतीत होती है, जबकि कांग्रेस-वाम दल पारंपरिक वोट बैंक वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या हैट्रिक लगा पाएंगे विजयन?
केरल विधानसभा चुनाव काफी रोचक होने वाला है, क्योंकि इस बार पिनाराई विजयन की साख दांव पर लगी है। पिछले चुनाव में उन्होंने 40 साल पुरानी परिपाटी को तोड़कर दूसरी बार सरकार बनाई थी। केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिलता है। पिछले चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटें, जबकि यूडीएफ ने 41 सीटें जीती थीं। वहीं, एनडीए को एक भी सीटें नहीं मिल सकी थीं।
तमिलनाडु में दिग्गजों की साख दांव पर
तमिलनाडु का पिछला विधानसभा चुनाव दो कद्दावर नेताओं-एआईएडीएमके की जे.जयललिता और डीएमके के एम.करुणानिधि-के निधन के बाद पहली बार हुआ था। उस चुनाव में डीएमके का नेतृत्व करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन कर रहे थे, जबकि एआईएडीएमके की कमान ई. पलानीस्वामी के हाथ में थी। 2021 के नतीजों में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की और राज्य की सत्ता में वापसी की। डीएमके ने 133, एआईएडीएमके ने 66, कांग्रेस ने 18 और भाजपा ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
