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जमी हुई झील पर चलने का आनंद ले डूबा जिंदगी...दो पर्यटकों की डूबकर मौत, पुलिस बोली- की थी एडवाइजरी जारी

Sela lake death: पुलिस ने कहा कि सेला झील और अन्य टूरिस्ट जगहों पर चेतावनी वाले साइनबोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें लोगों को जमी हुई झीलों पर न चलने की साफ सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने दिसंबर में एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें पर्यटकों को चेतावनी दी गई थी कि जमी हुई झीलें असुरक्षित हैं क्योंकि बर्फ अस्थिर हो सकती है और इंसान का वजन नहीं सह सकती।

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जमी हुई सेला झील में फिसलने से केरल से आए दो पर्यटकों की डूबकर मौत (X से स्क्रीनग्रैब)

Tawang District News: अरुणाचल प्रदेश में उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब जमी हुई सेला झील में फिसलने से केरल से आए दो पर्यटकों की डूबकर मौत हो गई। यह घटना तवांग जिले की है, जहां सेला झील में केरल से आए दो पर्यटक डूब गए। पुलिस ने ये जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि उनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।

सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) डी. डब्ल्यू. थोंगोन ने कहा, 'मृतक की पहचान दिनू (26) के रूप में हुई है, जबकि महादेव (24) अभी भी लापता है। वे सात लोगों के टूरिस्ट ग्रुप का हिस्सा थे जो गुवाहाटी के रास्ते तवांग आए थे।'

उन्होंने कहा, 'यह घटना दोपहर में हुई जब ग्रुप का एक सदस्य जमी हुई झील में फिसल गया और डूबने लगा। दिनू और महादेव उसे बचाने की कोशिश में झील में उतर गए। जबकि तीसरा टूरिस्ट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा, दोनों बर्फीले पानी में बह गए।'

एसपी ने बताया कि प्रशासन को दोपहर करीब तीन बजे घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद जिला पुलिस, केंद्रीय बलों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को शामिल करके एक संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया।

आज फिर शुरू होगा दूसरा शव तलाशने का ऑपरेशन

उन्होंने कहा, 'खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के बावजूद, एक टूरिस्ट का शव बरामद कर लिया गया। अंधेरा और खराब हालात के कारण लापता व्यक्ति की तलाश रोकनी पड़ी।' उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शनिवार सुबह फिर से शुरू होगा। वहीं, बरामद शव को जांग कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में रखा गया है, जहां शनिवार को पोस्ट-मॉर्टम किया जाएगा।

चेतावनी वाले साइनबोर्ड लगाए गए

थोंगोन ने कहा कि सेला झील और अन्य टूरिस्ट जगहों पर चेतावनी वाले साइनबोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें लोगों को जमी हुई झीलों पर न चलने की साफ सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने दिसंबर में एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें पर्यटकों को चेतावनी दी गई थी कि जमी हुई झीलें असुरक्षित हैं क्योंकि बर्फ अस्थिर हो सकती है और इंसान का वजन नहीं सह सकती। बता दें कि 13,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर स्थित सेला झील एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल है, लेकिन सर्दियों में अत्यधिक ठंड और कमजोर बर्फ की परत के कारण यह काफी खतरनाक हो जाती है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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