West Bengal: बीरभूम पहुंचा BJP का प्रतिनिधिमंडल, अधिकारी ने कहा- घटनास्थल पर जाने से रोका, बंगाल में लगे राष्ट्रपति शासन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 23, 2022, 05:47 PM IST

Rampurhat incident: बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि भाजपा के प्रतिनिधिमंडल को बीरभूम जिले में उस स्थान पर जाने से रोका गया, जहां आठ लोगों को जिंदा जला दिया गया था।

West Bengal: बीरभूम पहुंचा BJP का प्रतिनिधिमंडल, अधिकारी ने कहा- घटनास्थल पर जाने से रोका, बंगाल में लगे राष्ट्रपति शासन

Rampurhat Violence: सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम के रामपुरहाट का दौरा किया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता की हत्या के कुछ घंटों बाद यहां घरों में आग लगाई गई, जिससे 8 लोगों की मौत हो गई। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हमें घटनास्थल पर जाने से रोक दिया गया, लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह वहां जाएंगी। वह सबूत मिटाने और दोषियों को बचाने के लिए इलाके का दौरा करेंगी। हम इसके खिलाफ हैं। अगर हमें अनुमति नहीं है, तो किसी और को भी इसे देखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, इसकी निंदा करने के लिए शब्द पर्याप्त नहीं हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट ने सेंट्रल फोरेंसिक को निर्देश दिए हैं। हम एनआईए या सीबीआई जांच की मांग करते हैं। एसआईटी राज्य सरकार की एक विंग है, सीएम सरकार को बचाने की कोशिश कर रही हैं। बंगाल को बचाने के लिए राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र रास्ता है। 

पश्चिम बंगाल बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि यहां दहशत का माहौल है, गांव वीरान हैं। शर्मनाक है कि इस सरकार ने कई बेगुनाहों को मरने दिया। पुलिसकर्मी खड़े रहे और कुछ नहीं किया। ममता बनर्जी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और इस मामले को सीबीआई या एनआईए को सौंप देना चाहिए।

इस घटना के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिलीगुड़ी में विरोध मार्च निकाला। बीरभूम में हिंसा के बाद स्थानीय लोग अपने घरों को छोड़कर दूसरे स्थान जा रहे हैं। एक महिला ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर हम घरों को छोड़कर जा रहे है, जिनकी मृत्यु हुई उनमें से एक मेरा देवर था। पुलिस ने किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी, सुरक्षा होती तो ये घटना न घटती।

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