Delhi Traffic Challan: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक कैमरों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल के शुरुआती नौ महीनों में दिल्ली के स्वचालित यातायात प्रवर्तन कैमरों ने हर मिनट कम से कम 10 चालान काटे हैं। इनमें से लगभग आधे मामले तय गति सीमा (Over-speeding) से तेज गाड़ी चलाने के पाए गए हैं, जिन पर पूरी तरह कैमरों के जरिए ही शिकंजा कसा जा रहा है।
छह साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2026 में प्रति मिनट ट्रैफिक चालान जारी होने की दर सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। इस साल 30 सितंबर तक दिल्ली यातायात पुलिस ने मौके पर करीब 30.8 लाख चालान काटे, जबकि कैमरों ने 40.6 लाख अतिरिक्त नोटिस जारी किए। इस प्रकार कुल आंकड़ा 71.4 लाख से अधिक पहुंच गया, यानी हर मिनट लगभग 18 चालान किए गए। ओवरस्पीडिंग के अलावा गलत पार्किंग, बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, वैध प्रदूषण (PUCC) प्रमाण पत्र न होना और बिना लाइसेंस के वाहन चलाने के मामलों में भी भारी संख्या में कैमरों के जरिए नोटिस भेजे गए हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाने और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने जैसे गंभीर मामलों में भी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
हालांकि, इन सबके बीच एक बड़ी समस्या जुर्माने की कम वसूली (Fine Recovery) को लेकर बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 2021 से सितंबर 2026 के बीच कैमरों द्वारा जारी किए गए लगभग 79 प्रतिशत नोटिसों का भुगतान वाहन चालकों ने नहीं किया है। स्थिति यह है कि इस साल जारी किए गए नोटिसों में से पांच प्रतिशत से भी कम पर जुर्माने की वसूली हो पाई है। कैमरों के जरिए काटे गए चालानों पर लोग कितना कम जुर्माना भर रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल सितंबर तक जारी 40.6 लाख नोटिसों में से केवल दो लाख का ही भुगतान हुआ है।
