Birbhum Violence: कलकत्ता हाई कोर्ट ने कल तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट, कहा- कोई सबूत न हो नष्ट, लगाए जाएं CCTV कैमरे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 23, 2022, 04:33 PM IST

Rampurhat incident: कलकत्ता हाई कोर्ट बीरभूम हिंसा पर सुनवाई की। कोर्ट ने कल दोपहर 2 बजे तक हिंसा पर राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कहा है कि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

Birbhum Violence: कलकत्ता हाई कोर्ट ने कल तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट, कहा- कोई सबूत न हो नष्ट, लगाए जाएं CCTV कैमरे

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में हुई घटना पर कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश खंडपीठ ने कल दोपहर 2 बजे तक राज्य से रामपुरहाट हिंसा पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। हाई कोर्ट ने जिला जज की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरे लगाने और घटना स्थल की चौबीसों घंटे निगरानी करने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि सीएफएसएल दिल्ली टीम मौके से तुरंत जांच के लिए साक्ष्य एकत्र करे; प्रत्यक्षदर्शियों को जिला न्यायाधीश के परामर्श से डीजी और आईजीपी द्वारा तत्काल उपायों से संरक्षित किया जाना है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि कोई सबूत नष्ट न हो।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को बीरभूम आगजनी मामले पर संज्ञान लिया। अदालत ने मामला स्वीकार करते समय कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का और दुर्भाग्यपूर्ण है। बंगाल भाजपा ने मंगलवार को बीरभूम की घटना को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अदालत को दो गवाहों की मौत की सूचना दी गई। अदालत के समक्ष एक जनहित याचिका दायर करने वाले एक वकील ने कहा कि पश्चिम बंगाल के सीएफएसएल को नहीं पता कि इस मामले की जांच कैसे की जाए। सबूत महत्वपूर्ण हैं और एक सप्ताह के भीतर कोई सबूत नहीं छोड़ा जाएगा। वकील ने दिल्ली से सीएफएसएल की एक टीम को जले हुए घरों का निरीक्षण करने के लिए तुरंत लाने को कहा। 

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हाई कोर्ट को बताया है कि एजेंसी हाई कोर्ट द्वारा आदेश दिए जाने पर बीरभूम हिंसा मामले में जांच करने के लिए तैयार है। बीरभूम हिंसा मामले में याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि यह मामला गोधरा की घटना की याद दिलाता है जहां ट्रेन में लोगों को जलाया गया था। 

बीरभूम जिले में टीएमसी के स्थानीय नेता की हत्या के कुछ देर बाद संदिग्ध तौर पर रामपुरहाट के करीब एक गांव में दर्जनभर झोपड़ियों को आग लगा दी गई जिनमें दो बच्चों और तीन महिलाओं समेत आठ लोगों की जलने से मौत हो गई। सभी आठ मृतकों को मंगलवार रात को जिला अधिकारियों की मौजूदगी में दफन कर दिया गया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज मालवीय के मुताबिक, कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एडीजी (सीआईडी) ज्ञानवंत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया है।

End of Article