गुजरात: हिम्मतनगर में दंगाई के घरों पर मिले पेट्रोल बम, ड्रोन कैमरे से हुआ साजिश का खुलासा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 13, 2022, 11:45 AM IST

Gujarat Violence: रामनवमी के मौके पर गुजरात के हिम्मत नगर में हुए दंगे में बड़ा खुलासा हुआ है। टाइम्स नाउ नवभारत के खुलासे में साफ तौर पता चलता है कि कैसे हिंसा के लिए पहले से तैयारी की गई थी।

गुजरात: हिम्मतनगर में दंगाई के घरों पर मिले पेट्रोल बम, ड्रोन कैमरे से हुआ साजिश का खुलासा

Gujarat Ramnavmi Violence: रामनवमी के मौके पर गुजरात के हिम्मत नगर में हुए दंगे में टाइम्स नाउ नवभारत ने बड़ा खुलासा किया है। टाइम्स नाउ नवभारत हिंसा का एक ऐसा वीडियो दिखा रहा है। जिसे देखकर साफ तौर पता चलता है कि कैसे हिंसा के लिए पहले से तैयारी की गई थी। और उसके लिए जरूरी पेट्रोल बम से लेकर दूसरे हिंसक हथियार एकत्र किए गए थे। ड्रोन कैमरे के जरिए जो वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें बहुत से हिंसक हथियार दिखाई दे रहे हैं। जिनका इस्तेमाल हिम्मतनगर में हिंसा भड़काने के लिए किया गया।

पेट्रोल बम और बड़े साइज वाले पत्थरों का इस्तेमाल

दंगाइयों ने हिंसा फैलाने के लिए न केवल पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया। बल्कि बड़े साइज वाले पत्थरों का भी इस्तेमाल किया। इन पत्थरों को देखकर साफ पता चलता है कि अगर इनसे किसी को मारा जाय तो उसे गंभीर चोटें आएंगी। इन वीडियो को देखने के बाद जिन-जिन इलाकों में हिंसा हुई वहां पर टाइम्स नाउ की टीम पहुंची। और वहां पहुंचकर बड़े खुलासे किए।

ग्राउंड जीरो की क्या है स्थिति

ऐसा ही एक ग्राउंड जीरो बंजारा वास है। जहां पर बंजारों की आबादी ज्यादा है। आज के दिन भी वहां पर आपको बड़े-बड़े पत्थरों सड़कों पर दिख जाएंगे। सड़कों पर भागते हुए लोगों की चप्पले भी पड़ी दिख जाएंगी। रैपिड एक्शन फोर्स अभी भी तैनात है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार दंगाइयों ने पत्थरों से हमला किया। उन पर अचानक हमला हुआ। दंगाइयों ने पेट्रोल बम और पत्थर लगाता फेंके। एक अन्य स्थानीय के अनुसार पूरी प्लानिंग के साथ हमला किया गया। 

बच्चों को निशाना बनाया गया

स्थानीय लोगों के अनुसार दुकानों और घरों पर पहले से हथियार रखे गए थे। करीब 500-100 लोग पहुंच गए थे और पत्थरबाजी कर रहे थे। बच्चे भी इसके निशाने बने। रात को करीब 10:30 बजे हमला हुआ था। अभी भी  तनावपूर्ण माहौल है। लोग डरे और सहमे हुए हैं। चिंता इस बात की है कि अभी तो पुलिस है लेकिन वह चले जाएंगे तो क्या होगा। इसलिए पुलिस की स्थायी तौर पर तैनाती की जाय।

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