बिहार में 'चाचा-भतीजा' का सियासी प्यार? जब डिप्टी CM की शपथ ले मंच पर ही नीतीश के पैर छूने को झुके तेजस्वी, देखें- फिर क्या हुआ?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 10, 2022, 03:14 PM IST

सबसे इंट्रेस्टिंग बात है कि यह वही तेजस्वी हैं, जिन्होंने कभी नीतीश को 'पलटू राम' (यू-टर्न लेने वाले) बताया था। पुरजोर तरीके से वह उन पर जुबानी हमले बोलकर घेरा करते थे, पर सियासत इसी का नाम है, जहां कोई किसी का स्थाई दुश्मन और दोस्त नहीं होता।  

बिहार में 'चाचा-भतीजा' का सियासी प्यार? जब डिप्टी CM की शपथ ले मंच पर ही नीतीश के पैर छूने को झुके तेजस्वी, देखें- फिर क्या हुआ?
Photo Credit: ANI

बिहार में बुधवार (10 अगस्त, 2022) को जेडी(यू) के नीतीश कुमार और आरजेडी के तेजस्वी यादव की शपथ के बाद नई सरकार की नजदीकी और चाचा-भतीजे का पनपता प्यार देखने को मिला। दरअसल, यादव ने शपथ लेने के बाद मंच पर ही सबसे सामने कुमार के पैर छूने की कोशिश की थी। वह इसके लिए नीचे भी झुके पर सीएम ने उन्हें रोका और फिर साथ में कुर्सी पर बैठने के लिए कहा। 

समचार एजेंसी एएनआई ने पूरे वाकये से जुड़ा 20 सेकेंड का वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें तेजस्वी सबसे पहले नीतीश को नमस्कार करते दिखे। फिर एकदम के उनके चरणों की ओर झुके पर, पर सीएम ने उन्हें वही रोक दिया। दोनों ने इसके बाद गर्मजोशी से हाथ मिलाया। कुमार ने इशारा दिखाते हुए बगल में रखी कुर्सी पर उन्हें बैठने को कहा। नीतीश के साथ यादव भी इसके बाद बैठे। वैसे, नीतीश के चेहरे पर इस दौरान मुस्कान थी, पर तेजस्वी पूरे आत्मविश्वास के साथ नजर आ रहे थे। देखें, वीडियोः

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तेजस्वी की ओर से नीतीश के पैर छूने की घटना को राजनीतिक सुचिता और सम्मान देने वाले भाव के ऐंगल से देखा जा रहा है। सबसे इंट्रेस्टिंग बात है कि यह वही तेजस्वी हैं, जिन्होंने कभी नीतीश को 'पलटू राम' (यू-टर्न लेने वाले) बताया था। पुरजोर तरीके से वह उन पर जुबानी हमले बोलकर घेरा करते थे, पर सियासत इसी का नाम है, जहां कोई किसी का स्थाई दुश्मन और दोस्त नहीं होता।  

8वीं बार CM बने नीतीश, तो दूसरी बार डिप्टी CM बने तेजस्वी 
कुमार आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं, जबकि उनके साथ समारोह में सिर्फ तेजस्वी ने शपथ ली। वह दूसरी बार सूबे के उप मुख्यमंत्री बने। राज भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल फागू चौहान ने इन दोनों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

नीतीश ने महागठबंधन विधानमंडल दल के नेता चुने जाने के बाद मंगलवार को राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इससे पहले, नीतीश ने एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। महागठबंधन को सात दलों के 164 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। भाजपा से अलग होकर कुमार ने सात दलों के 'महागठबंधन' के साथ जाने का फैसला किया गया है। 

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