लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलन खत्मः बोले टिकैत- दिल्ली में बैठक कर तय करेंगे आगे का रोडमैप

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 20, 2022, 05:10 PM IST

Lakhimpur Farmers Agitation ends: मोर्चा नें धरने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन भी दिया, जिसमें लखीमपुर खीरी व किसानों के मुद्दों पर कुछ मांगे रखी गई हैं।

लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलन खत्मः बोले टिकैत- दिल्ली में बैठक कर तय करेंगे आगे का रोडमैप
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Lakhimpur Farmers Agitation ends: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में शनिवार (20 अगस्त, 2022) को किसानों का आंदोलन दोपहर बाद खत्म हो गया। जिला प्रशासन के टॉप अधिकारियों के साथ किसानों की अहम बैठक के बाद यह फैसला हो सका। 

जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी दोपहर करीब 2.30 बजे धरना स्थल पर पहुंचे थे। उन्हें किसानों का ज्ञापन मिला, जिसके बाद आंदोलन वापस ले लिया गया। प्रशासन की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि सितंबर के पहले हफ्ते में उनके लिए शासन स्तर पर बैठक का बंदोबस्त किया जाएगा। 

'छह सितंबर को दिल्ली में करेंगे मीटिंग'
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यह आंदोलन वापस लिया। साथ ही मंच से किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि वह भविष्य की रणनीति तय करने के लिए छह सितंबर को दिल्ली में बैठक करेंगे।

किन मांगों पर लखीमपुर खीरी में धरना?
दरअसल, एसकेएम ने गुरुवार (18 अगस्त, 2022) सुबह लखीमपुर शहर के राजापुर मंडी समिति में अपना धरना शुरू किया था। मोर्चा की मांग थी कि केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ को हटाया जाए, एमएसपी (फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य), जेलों में पड़े निर्दोष किसानों की रिहाई, बिजली संशोधन विधेयक 2022 को वापस लेने, गन्ना बकाया का भुगतान और सरकार के भूमि अधिकार समेत अन्य मांगों को पूरा किया जाए। 

टेनी को हटाने की मांग पर इसलिए अड़े टिकैत
लखीमपुर खीरी में अक्टूबर 2021 में दर्दनाक घटना हुई थी। टिकैत ने मांग की कि मामले के आरोपी आशीष मिश्र के पिता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जाए, क्योंकि उन्हें आशंका है कि उनके रहते केस की जांच प्रभावित हो सकती है। खीरी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का पैतृक जिला है और वह खीरी से लगातार दूसरी बार भाजपा के सांसद हैं। 

एक नजर में समझें- क्या है पूरा केस
पिछले साल तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी जिले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के गांव जा रहे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का किसानों की ओर से विरोध के दौरान तिकोनिया गांव में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे। मामले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को बतौर मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार किया गया। (एजेंसी इनपुट्स के साथ) 

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