UP ADG ने बताया- रात में ही क्यों किया गया हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 30, 2020, 06:35 PM IST

Hathras: हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़िता का रात में जबरन अंतिम संस्कार कराया। वहीं पुलिस का कहना है कि परिवार की सहमति के बाद ही अंतिम संस्कार किया गया।

UP ADG ने बताया- रात में ही क्यों किया गया हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार

नई दिल्ली: हाथरस गैंगरेप की पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाथरस पुलिस को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि पीड़ित परिवार की सहमति के बिना देर रात पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि पुलिस ने कहा कि परिवार की सहमति के बाद ही पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया था। अब इस संबंध में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने पक्ष रखा है।

उन्होंने कहा, 'कल (29 सितंबर) सुबह पीड़िता की मृत्यु हो गई थी और देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब शव पहुंचा तो परिवार वालों की सहमति से और उनकी उपस्थिति में अंतिम संस्कार कराया गया था। कुछ महिलाओं द्वारा आरोप लगाए गए हैं, परंतु सत्य यही है कि उनकी उपस्थित से और सहमति से (अंतिम संस्कार) कराया गया था। शांति व्यवस्था के लिए वहां पुलिस उपस्थित थी। डेड बॉडी भी खराब हो रही थी, इसलिए घर के लोगों ने सहमति जताई थी कि रात को ही कर देना उचित होगा।' 

हाथरस पुलिस ने भी ट्वीट कर कहा था, 'कतिपय सोशल मीडिया के माध्यम से यह असत्य खबर फैलायी जा रही है कि थाना चन्दपा क्षेत्रान्तर्गत दुर्भाग्यपूर्ण घटित घटना में मृतिका के शव का अन्तिम संस्कार बिना परिजनों की अनुमति के पुलिस ने जबरन रात में करा दिया हैं। हाथरस पुलिस इस असत्य एवं भ्रामक खबर का खंडन करती है।' 

हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि हमें बच्ची का चेहरा भी नहीं देखने दिया गया। उन्होंने ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। हम अंतिम संस्कार सुबह करना चाहते थे। हिंदू रीति रिवाज में रात में अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है। पीड़िता के भाई ने कहा कि पुलिस अंतिम संस्कार के लिए शव और मेरे पिता को जबरन अपने साथ ले गई। मेरे पिता जब हाथरस पहुंचे, पुलिस उन्हें तत्काल (शवदाहगृह) ले गई। 

SIT का गठन

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी को सात दिन में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि हाथरस मामले में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है। ट्वीट में कहा 'आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हाथरस की घटना पर वार्ता की है और कहा है कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।'

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