केंद्रीय मंत्री की अधिकारियों को धमकी- अंधेरी कोठरी में ले जाकर मैं बेल्ट खोलकर ठोकना जानती हूं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 24, 2020, 11:39 PM IST

Renuka Singh: केंद्रीय जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने छत्तीसगढ़ में जिला प्रशासन के अधिकारियों को कथित रूप धमकी दी है। एक क्वारंटीन सेंटर में उन्होंने अधिकारियों को बेल्ट से पीटने की धमकी दी।

केंद्रीय मंत्री की अधिकारियों को धमकी- अंधेरी कोठरी में ले जाकर मैं बेल्ट खोलकर ठोकना जानती हूं

बलरामपुर (छत्तीसगढ़): केंद्रीय जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री रेणुका सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ है। दरअसल मंत्री महोदया छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के एक क्वारंटीन सेंटर का दौरा करने पहुंची थी और यहा निरीक्षण करने के दौरान वह अधिकारियों पर इस कदर भड़क उठी कि उन्हें बेल्ट से मारने की धमकी दे डाली।  बाद में वीडियो वायरल हुआ तो मंत्री जी की तरफ से सफाई भी आ गई। उन्होंने कहा कि वहां एक लड़के के साथ मारपीट की गई थी इसलिए उन्होंने ऐसा कहा।

भगवाधारी को कमजोर मत समझना- रेणुका

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के क्वारंटीन केंद्र में एक लड़के से कथित तौर पर मारपीट पर रेणुका सिंह भड़क गईं और अधिकारियों को धमकाते हुए बोंली- 'भगवाधारी BJP के कार्यकर्ताओं को कमजोर मत समझना,जनपद में जो भेदभाव कर रहे हैं,उसे भूल जाइए,अंधेरी कोठरी में ले जाकर मैं बेल्ट खोलकर ठोकना जानती हूं।' रेणुका सिंह ने अपने दौरे की कुछ तस्वीरें भी ट्वीटर पर साझा की हैं।

'युवक के साथ मारपीट'

 मामला तूल पकड़ता देख रेणुका सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, 'दिलीप गुप्ता नाम के युवक ने बालक छात्रावास केंद्र की कमियों पर वीडियो बनाया, जिसके बाद ब्लॉक स्तर के 2 अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की। मैं दिलीप गुप्ता को न्याय दिलाकर रहूंगी, मदद करने की बजाय लोगों को धमका रहे हैं,हम ये बर्दाश्त नहीं करेंगे।'

ये था मामला

 दरअस बलरामपुर क्वारेंटीन सेंटर में दूसरे राज्यों से आए कई लोगों को ठहराया गया है। दिल्ली से लौटे बलरामपुर निवासी दिलीप गुप्ता को भी इसी सेंटर में क्वारंटीन किया गया था। लेकिन युवक ने जब वहां फैली अव्यवस्था देखी तो उसने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। खबर के मुताबिक इसके बाद कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर दिलीप गुप्ता का मोबाइल लूट लिया औऱ उसकी जमकर पिटाई कर दी। युवक के पिता ने इसे लेकर पुलिस विभाग में शिकायत भी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

End of Article