Maharashtra Political Crisis: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कांग्रेस के राजनीतिक संकट के बीच महाराष्ट्र में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पर्यवेक्षक के रूप में पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को नियुक्त करने के फैसले पर तंज कसा। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने आखिरी पल गिन रही है। शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि कमलनाथ जब मध्य प्रदेश में अपनी ही सरकार नहीं बचा सके तो महाराष्ट्र सरकार को कैसे बचाएंगे।
'कमलनाथ जब मध्य प्रदेश में अपनी ही सरकार नहीं बचा सके तो महाराष्ट्र सरकार को कैसे बचाएंगे'
कमलाथ को महाराष्ट्र में कांग्रेस ने पर्यवेक्षक के रूप में किया नियुक्त
कांग्रेस ने मंगलवार को अपने वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को राज्य में कांग्रेस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया। ये फैसला उन खबरों के तुरंत बाद आया कि शिवसेना के कुछ विधायक पार्टी नेता एकनाथ शिंदे के साथ सूरत चले गए और ये सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी सरकार के लिए खतरा बन गया है।
इस बीच एकनाथ शिंदे शिवसेना के 33 विधायकों और सात निर्दलीय विधायकों के साथ बुधवार सुबह गुजरात के सूरत से असम के गुवाहाटी पहुंचे। ये घटनाक्रम महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में संदिग्ध क्रॉस-वोटिंग के बाद आया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने महा विकास अघाड़ी गठबंधन सरकार को एक बड़ा झटका देते हुए पांच सीटें हासिल कीं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना ने दो-दो सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस विधान परिषद की कुल 10 सीटों में से एक सीट पर कब्जा करने में सफल रही। एमएलसी चुनाव के बाद एकनाथ शिंदे शिवसेना के कुछ अन्य विधायकों के साथ सूरत के ली मेरिडियन होटल में ठहरे थे। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी मिलिंद नार्वेकर और रवींद्र फाटक वाले शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने भी शिंदे और पार्टी के अन्य विधायकों से सूरत में मुलाकात की।

