संजय राउत का BJP पर बड़ा बयान- सत्ता में थे पर शिवसेना को मिटाने की कोशिश की गई, हुआ गुलामों जैसा व्यवहार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 13, 2021, 09:55 PM IST

जलगांव में एक जनसभा में बोलते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी के साथ गुलामों की तरह व्यवहार किया जाता था जब वह महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा थी।

संजय राउत का BJP पर बड़ा बयान- सत्ता में थे पर शिवसेना को मिटाने की कोशिश की गई, हुआ गुलामों जैसा व्यवहार

नई दिल्ली: शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि जब शिवसेना महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा थी तो उसके साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जाता था। जलगांव में बोलते हुए संजय राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सरकार में शिवसेना को द्वितीयक दर्जा देकर खत्म करने की कोशिश की।

संजय राउत ने कहा, 'पिछली सरकार में शिवसेना को द्वितीयक दर्जा दिया गया था और उसके साथ दासों की तरह व्यवहार किया गया था। उसी शक्ति का दुरुपयोग करके हमारी पार्टी को खत्म करने का प्रयास किया गया था, जो हमारे समर्थन के कारण प्राप्त हुई थी।'

हमारे साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया गया: संजय राउत

उन्होंने कहा, 'शिवसैनिकों को कुछ न मिले तो भी हम गर्व से कह सकते हैं कि राज्य का नेतृत्व अब शिवसेना के हाथ में है। पिछले 5 सालों में शिवसेना के सत्ता में रहने के बावजूद हर गांव से शिवसेना की मौजूदगी को मिटाने की कोशिश की गई। हमारे साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया गया।' 

संजय राउत ने यह भी कहा कि जलगांव जिले में शिवसेना मजबूत है और पार्टी के कैडर में किसी भी तरह से चुनाव लड़ने की मानसिकता है। राउत ने कहा, 'शिवसेना नगर निगम, जिला परिषद, विधान परिषद और लोकसभा चुनावों में (महाराष्ट्र में) अपने दम पर विजयी होगी।' 

ठाकरे 5 साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे: राउत

रविवार को नासिक में एक अन्य सभा को संबोधित करते हुए संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। राउत दरअसल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। पटोले ने कहा था कि 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस राज्य की बड़ी पार्टी होगी। राउत ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि पटोले मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'किसी भी पद पर पहुंचने की इच्छा रखने में कोई बुराई नहीं है। सभी पार्टियों में कई नेता दावेदार हैं। कांग्रेस में कई नेता देश का नेतृत्व करने में भी सक्षम हैं।'

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