SSR Death Case: संजय राउत बोले-'सुप्रीम कोर्ट का फैसला है मेरा टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 19, 2020, 01:28 PM IST

Sanjay raut on SC verdict on SSR Case: सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

SSR Death Case: संजय राउत बोले-'सुप्रीम कोर्ट का फैसला है मेरा टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं'
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नई दिल्ली : सुशांत केस मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने का विरोध करने वाले शिवसेना नेता संजय राउत के सुर अब बदल गए हैं। मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राउत ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। शिवसेना नेता ने कहा कि सरकार में शामिल लोग इस फैसले पर प्रतिक्रिया देंगे। मामले में उनकी ओर से प्रतिक्रिया देने उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है इस पर राजनीतिक बयान देना ठीक नहीं है।

'मेरा टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं'
संजय राउत ने कहा, 'सुशांत केस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दिया है। इसलिए इसमें राजनीतिक टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं है। दुनिया की बहेतरीन न्याय प्रणालियों में हमारी न्याय व्यवस्था शामिल है। यहां कानून से बड़ा कोई नहीं है और सभी को न्याय दिलाना अदालतों का मानक रहा है। शीर्ष अदालत के फैसले के बारे में मुंबई पुलिस के कमिश्नर और एडवोकेट जनरल अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इस पर मुझे बयान जारी करना उचित नहीं है।'

सीबीआई जांच पर पहले बयान दे चुके हैं राउत
सुप्रीम कोर्ट में सुशांत मौत मामले की जब सुनवाई चल रही थी तो राउत ने कहा था कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की जरूरत नहीं है क्योंकि मुंबई पुलिस इस केस की जांच कर रही है। सुशांत सिंह मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद महाराष्ट्र की उद्धव सरकार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने घेरना शुरू कर दिया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने तंज कसते हुए कहा कि सुशांत केस में राज्य सरकार ने जिस तरह का रवैया अपनाया है, उसे अपने बारे में आत्मावलोकन करना चाहिए।

महाराष्ट्र सरकार को लगा झटका
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत सिंह की मौत की जांच सीबीआई के हवाले कर दी है। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को इस मामले के सभी दस्तावेज और साक्ष्य सीबीआई को सौंपने एवं उसका सहयोग करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत का यह फैसला महाराष्ट्र सरकार के लिए एक झटका माना जा रहा है क्योंकि वह इस केस को सीबीआई को सौंपने के लिए तैयार नहीं थी। कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आई हैं। भाजपा सांसद मनोज तिवारी, लोजपा नेता चिराग पासवान, राजद नेता तेजस्वी यादव सभी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। इन नेताओं ने कहा कि अब सुशांत केस में न्याय होगा।

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