UP News: सीतापुर जेल में बंद आजम खान बेचेंगे दोनाली बंदूक, जानिए क्या है मामला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 12, 2021, 11:07 AM IST

धोखाधड़ी के आरोप में अपने बेटे के साथ सीतापुर जेल में बंद सपा सांसद आजम खान अब जेल से ही अपनी दोनाली बंदूक बेचेंगे। इसके लिए उन्हें प्रशासन की अनुमति मिल गई है।

UP News: सीतापुर जेल में बंद आजम खान बेचेंगे दोनाली बंदूक, जानिए क्या है मामला

सीतापुर: लंबे समय से जेल में बंद समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद आजम खान अब अपनी विदेशी दोनाली बंदूक बेचेंगे जिसके लिए प्रशासन ने उन्हें बकायदा इजाजत दे दी है। आजम खान के पास दोनाली बंदूक होने के साथ- साथ रिवॉल्वर और राइफल भी है। आजम ने इस संबध में जिला कलेक्टर को एक पत्र भेजा गया। आजम के इसी पत्र के जवाब में अब जिला कलेक्टर के आदेश पर नगर मजिस्ट्रेट ने दुनाली लाइसेंसी बंदूक को बेचने की अनुमित दी है।

क्यों बेचनी पड़ रही है दोनाली बंदूक
दरअसल पिछले साल ही यूपी की योगी सरकार ने आदेश दिया था कि राज्य में कोई भी व्यक्ति दो से अधिक लाइसेंसी हथियार नहीं रख सकेगा। इस आदेश में कहा गया था कि जिसके बाद दो से अधिक हथियार हैं उसे वो सरेंडर करने होंगे। पिछले एक साल से भी अधिक समय से सीतापुर की जेल में बंद आजम को इस निर्देश के बाद अपना एक लाइसेंसी शस्त्र सरेंडर करना अनिवार्य हो गया था और इसी के तहत अब वो दोनाली बंदूक को सरेंडर कर रहे हैं।

आजम के परिवार के पास भी हैं लाइसेंसी हथियार

आजम खान ने जेल अधीक्षक के माध्यम से अपनी दो नाली बंदूक नंबर 4956 को बेचने की अनुमति मांगी थी जो पूरी हो गई है। आजम की यह बंदूक इंग्लैंड के बीएसए कंपनी की हैं। यहीं नहीं आजम के अलावा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम तथा उनकी विधायक पत्नी तंजीन फातिमा के पास भी रिवॉल्वर का लाइसेंस है। आपको बता दें कि आजम के अलावा रामपुर जिले में कई अन्य नेताओं ने भी तीन- तीन हथियारों के लाइसेंस बनवा रखे हैं।

एक साल से अधिक समय से जेल में हैं बंद

गौरतलब है कि आजम खान भ्रष्टाचार तथा कई अन्य आरोपों में पिछले एक साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं। समाजवादी पार्टी का कहना है कि आजम खान के खिलाफ 'बदले की भावना' से कार्रवाई की जा रही हैं और इसके खिलाफ 'जनाक्रोश' दर्ज कराने के लिये सपा आज रामपुर से लखनऊ तक साइकिल यात्रा निकाले रही है। सपा के अध्यक्ष अखिलेश खुद रामपुर पहुंचकर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

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