अगर किसी ने देश की सीमा लांघी तो, हम न केवल पलटवार करेंगे, बल्कि उसके क्षेत्र में भी घुसकर हवाई हमले भी करेंगे: राजनाथ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 20, 2021, 06:55 PM IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में 'शहीद सम्मान यात्रा' का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए चीन और पाकिस्तान को भी संदेश दिया।

अगर किसी ने देश की सीमा लांघी तो, हम न केवल पलटवार करेंगे, बल्कि उसके क्षेत्र में भी घुसकर हवाई हमले भी करेंगे: राजनाथ

पिथौरागढ़: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन चेतावनी दी कि अगर किसी देश ने उसकी एक ईंच जमीन भी हड़पने की कोशिश की, तो उसे करारा जवाब मिलेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता सिंह उत्तराखंड में ‘शहीद सम्मान यात्रा’ के दूसरे चरण की शुरुआत करने पहुंचे थे, जो पिथौरागढ़ जिले में झौलखेत मूनाकोट से शुरू हुआ।

पड़ोसियों से चाहते हैं अच्छे संबंध

उन्होंने कहा, ‘हम अपने पड़ोसियों के साथ अच्छा संबंध चाहते हैं। भारत ने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया, न ही इसने किसी विदेशी भूमि पर कब्जा किया है। पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध भारत की संस्कृति रही है, लेकिन कुछ लोग इसे नहीं समझते हैं। मुझे नहीं पता कि यह उनकी आदत है या स्वभाव।’
पाकिस्तान का नाम लेते हुए सिंह ने कहा कि वह आतंकवादी गतिविधियों के माध्यम से भारत को अस्थिर करने का प्रयास करता रहता है और उसे कड़ा संदेश दे दिया गया है।

तो करेंगे पलटवार

उन्होंने कहा, ‘हमने पश्चिमी सीमा पर अपने पड़ोसी को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर उसने सीमा लांघी तो हम न केवल सीमाओं पर पलटवार करेंगे, बल्कि उसके क्षेत्र में भी घुस जाएंगे और सर्जिकल एवं हवाई हमले करेंगे।’ रक्षा मंत्री ने चीन का नाम लिए बगैर कहा, ‘हमारा एक और पड़ोसी है (जो लगता है चीजों को नहीं समझता है)।’ सिंह ने कहा कि वह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि अगर दुनिया के किसी भी देश ने ‘हमारी एक ईंच जमीन भी हड़पने का प्रयास किया तो भारत करारा जवाब देगा।’

उन्होंने कहा कि 1971 में भारत की जीत के बारे में हर कोई जानता है। सिंह ने भारत के पड़ोसियों को चेतावनी दी कि वे किसी भ्रम में नहीं रहें। रक्षा मंत्री ने कहा कि नेपाल में लिपुलेख से मानसरोवर तक सड़क के बारे में गलत धारणा बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह नेपाल के साथ हमारे निकट सांस्कृतिक संबंधों को प्रभावित करने में विफल रहा।’

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