Rajasthan: रामदरबार पर चला गहलोत सरकार का बुलडोजर, वीडियो वायरल हुआ तो मचा सियासी बवाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 20, 2022, 08:18 AM IST

राजस्थान में सालासर रोड पर स्थित सुजानगढ़ के प्रवेश द्वार पर स्थित ‘राम दरबार’ की प्रतिमा तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। विपक्ष राजस्थान सरकार पर हमलावर है।

Rajasthan: रामदरबार पर चला गहलोत सरकार का बुलडोजर, वीडियो वायरल हुआ तो मचा सियासी बवाल

सुजानगढ़: राजस्थान में रामदरबार को बुलडोजर से तोड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है। बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर गहलोत सरकार पर तीखा हमला किया है। रात का घुप अंधेरा और इस अंधरे में राजस्थान के सुजानगढ़, चूरू में रामदरबार को धराशाई कर दिया गया। पीडब्ल्यूडी ने जेसीबी से रामदरबार के गेट को ध्वस्त कर दिया लेकिन एंट्री गेट पर लगी राम दरबार क मूर्ति तोड़ने का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ सियासी बवाल मच गया।

विरोध कर लगाया जाम

वायरल वीडियो के बाद हिन्दू कार्यकर्ताओं ने सुजानगढ़-सालासर रोड को जाम कर के विरोध प्रदर्शन किया। डेढ़ घंटे तक लगा जाम रात पौने आठ बजे खुल सका। धरने के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी हुआ। दोनों तरफ से गाड़ियों की लम्बी कतारें लग गईं, जिसकी वजह से कई किलोमीटर लम्बे जाम से निपटना प्रशासन के लिए भी मुश्किल हो गया। पुलिस से आक्रोशित हिन्दू कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सीनियर अधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए।

अधिकारियों से मांगा जवाब

 डी एईएन बाबूलाल वर्मा और जेईएन नंदलाल मुवाल को सड़क पर बिठा कर उनसे राम दरबार की प्रतिमा को तोड़ने का कारण पूछा गया। एईएन ने सड़क के चौड़ीकरण की बात करते हुए हाथ जोड़ कर माफ़ी मांगी। एईएन ने आश्वासन दिया कि सड़क का काम पूरा होने के बाद जो प्रवेश द्वार बनाएगा, उसमें भी राम दरबार की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी हालाँकि, उन्होंने इसे लिखित में देने से इनकार कर दिया।

बीजेपी हुई हमलावर

राजस्थान बीजेपी ने इसका वीडियो ट्वीट करते हुए कहा, 'सुजानगढ़ में गहलोत सरकार की "निशाचरी करतूत"! अंधेरी रात में भगवान राम और उनके दरबार की मूर्तियों पर गहलोत सरकार ने चलाया बुलडोजर। गहलोत जी, नहीं भूलेंगे हम।' वहीं भाजपा नेता दिया कुमारी ने इसे लेकर गहलोत सरकार की निंदा की और कहा, 'राजस्थानकी कांग्रेस सरकार के कुशासन में चुरू जिले के सुजानगढ़ में बुलडोजर से भगवान श्रीराम और रामदरबार की मूर्तियों को अपमानपूर्वक गिराया गया। करोड़ों नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला यह कृत्य शर्मनाक है'

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