सत्ता के बीच पैदा हुआ लेकिन उसकी भूख नहीं, देश को समझना ही सिर्फ चाहत- राहुल गांधी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 9, 2022, 01:22 PM IST

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि एक बार उन्होंने एक बीजेपी नेता से पूछा कि क्या वो पुनर्जन्म में भरोसा करते हैं तो उनका जवाब ना में था। अब सवाल यह है कि राम पर विश्वास कैसे कर सकते हैं।

सत्ता के बीच पैदा हुआ लेकिन उसकी भूख नहीं, देश को समझना ही सिर्फ चाहत- राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बीजेपी सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी हमें संविधान की रक्षा करनी है। संविधान को बचाने के लिए हमें अपनी संस्थाओं की रक्षा करनी होगी। लेकिन सारी संस्थाएं आरएसएस के हाथों में हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संस्था के बिना संविधान का कोई अर्थ नहीं है। एक बार मैंने एक भाजपा नेता से पूछा कि क्या वह पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं। यदि नहीं.. तो आप राम पर कैसे विश्वास कर सकते हैं?

'मुझे सत्ता की भूख नहीं'
ऐसे राजनेता हैं जो सत्ता की खोज में हैं। वे हर समय सत्ता प्राप्त करने पर विचार करते हैं। मैं सत्ता के केंद्र में पैदा हुआ था लेकिन ईमानदारी से, मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। इसके बजाय, मैं देश को समझने की कोशिश करता हूं। उन्होंने कहा कि वो हमेशा से देश के बारे में सोचते हैं। वो करीब से देश को समझना चाहते हैं। उनके लिए सत्ता हासिल करना मकसद नहीं है। उनकी यह कोशिश रही है कि वो लोगों के बारे में जानें और करीब से लोगों की परेशानी की समझें। 

'पिता के हत्यारों से दुश्मनी नहीं'

मुझे अपने पिता के हत्यारों से कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन जब मैं उन दलित लड़कों से बात कर रहा था, जिनके भाई को पीटा जा रहा था, तो मेरे दिमाग में सबसे पहले यही ख्याल आया कि अगर मैं उस जगह पर होता तो मेरे पास होता मारे गए उन्हें मारने गए। लेकिन फिर उन्होंने जवाब दिया कि अगर मैं उन्हें मार देता तो मेरा पुनर्जन्म दलित के रूप में ही होता। 

इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने दो बड़ी बातें कहीं। उनका मानना है कि चीन के मुद्दे पर भारत सरकार गलती कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया ठीक वैसे ही चीन भी कर सकता है। हमें सचेत होकर तैयारी करने की जरूर है। लेकिन भारत सरकार संवेदनशील नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 2 से 3 साल में सच को छिपाया गया है। जिस तरह से आरएसएस संस्थाओं पर कब्जा करने का कोशिश कर रहा है उसके नतीजे खराब होंगे। इसके साथ श्रीलंका का हवाला देते हुए कहा कि आपने देखा होगा कि वहां क्या हो रहा है।

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