Maitri Setu का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया, कहा-पर्यटन, कोरोबार को नए मौके देगा 'मैत्री सेतु'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 9, 2021, 01:08 PM IST

इस मौके पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि यह सेतु दोनों देशों के बीच जारी सहयोग का एक और प्रमाण है। इससे पूर्वोत्तर भारत के साथ बांग्लादेश का संपर्क और मजबूत होगा।

Maitri Setu का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया, कहा-पर्यटन, कोरोबार को नए मौके देगा 'मैत्री सेतु'
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत और बांग्लादेश को जोड़ने वाले 1.9 किलोमीटर लंबे 'मैत्री सेतु' का उद्घाटन किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फेनी नदी पर बने इस सेतु का उद्घाटन करते हुए पीएम ने कहा कि यह सेतु भारत और बांग्लादेश लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के साथ-सात क्षेत्र में पर्यटन, कारोबार और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। इस मौके पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि यह सेतु दोनों देशों के बीच जारी सहयोग का एक और प्रमाण है। इससे पूर्वोत्तर भारत के साथ बांग्लादेश का संपर्क और मजबूत होगा। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंक के जरिए त्रिपुरा के लिए कई परियोजना का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 

त्रिपुरा के लिए परियोजनाओं का उद्घाटन किया
पीएम ने कहा, 'पहली बार त्रिपुरा में एमएसपी पर किसानों के उत्पादों की खरीद हुई है। यहां मनरेगा के तहत काम करते हुए लोगों को 135 रुपए की जगह रोजाना 205 रुपए मिल रहे हैं। त्रिपुरा जो कि हड़ताल की संस्कृति की वजह से पीछे छूट गया था, वह अब इज ऑफ डुइंग के लिए काम कर रहा है। इस राज्य में उद्योग बंद होने के कगार पर आ गए थे लेकिन अब यहां नए उद्योगों एवं निवेश के लिए संभावनाएं खुल गई हैं।'   

'विकास के पथ पर आगे बढ़ा त्रिपुरा' 
पीएम ने आगे कहा कि त्रिपुरा आज उन राज्यों के लिए एक आदर्श उपस्थित कर रहा है जहां 'डबल इंजन' की सरकार नहीं है। दिल्ली के साथ 'लड़ने-झगड़ने वाली राज्य सरकारें भी इस बात को महसूस कर रही हैं। त्रिपुरा में एक समय बिजली की कमी बनी रहती थी लेकिन अब यहां बिजली की बचत होनी शुरू हो गई है।'

हसीना ने कहा-यह ऐतिहासिक क्षण
बांग्लादेश की पीएम ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है। दोनों देश एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। बांग्लादेश भारत को संपर्क उपलब्ध करा रहा है। कारोबार के लिए राजनीतिक सीमाओं को बाधा के रूप में पेश नहीं आना चाहिए।  

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