Rashtravad:पहले 'सर तन से जुदा'...अब आ गले लग जा ? अजमेर में बिजनेस पड़ा ठप तो 'खादिम' का हुआ हृदय परिवर्तन?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 13, 2022, 07:08 PM IST

सरवर चिश्ती का पीएफआई से कनेक्शन भी सामने आया है, PFI नेताओं के साथ सरवर चिश्ती ने कई जगह पर मंच भी साझा किए हैं, ये वही सरवर चिश्ती है जिन्होंने हिंदुस्तान को हिला देने की धमकी दी थी।

Rashtravad:पहले 'सर तन से जुदा'...अब आ गले लग जा ? अजमेर में बिजनेस पड़ा ठप तो 'खादिम' का हुआ हृदय परिवर्तन?

राष्ट्रवाद यानि देश से बढ़कर कुछ नहीं - देश में इन दिनों 'गला काट' सोच को लेकर बड़ी बहस छिड़ी है सर तन से जुदा करने वाली मानसिकता को लेकर हिंदुस्तान की बड़ी आबादी परेशान है, उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद अजमेर शरीफ का नाम जुड़ा..एक-एक कर कई कट्टर मौलाना EXPOSE हुए जिस अजमेर शरीफ को मोहब्बत का पैगाम देने के लिए जाना जाता था वहां की खिदमत करने वाले चंद खादिमों की जुबां से नफरत के ऐसे बोल निकले जो गरीब नवाज के पैगाम से बिल्कुल जुदा हैं। हिंदुस्तान को हिला देंगे सर तन से जुदा जैसे बयानबाजी की गई तो हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने के कई ऑडियो वायरल किए गए 

भड़काऊ बयानबाजी में शामिल एक नाम अजमेर अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती का है - ये वही सरवर चिश्ती है जिन्होंने हिंदुस्तान को हिला देने की धमकी दी ...लेकिन कल अजमेर में सद्भावना रैली निकाली गई ...इस सद्भावना रैली में सरवर चिश्ती शामिल हुए ....हिंदुस्तान को हिला देने और सर तन से जुदा की बात करने वालों से आप किस तरह की सद्भावना की उम्मीद कर सकते हैं - 

ये तस्वीर 17 फरवरी 2022 की है कोटा में पीएफआई की रैली में सरवर चिश्ती नजर आ रहे हैं ...सरवर चिश्ती के पाकिस्तान कनेक्शन की बात भी सामने आई है, ऐसी बयानबाजी करने वाले सरवर चिश्ती से क्या आप प्यार और मोहब्वत की उम्मीद कर सकते हैं ...या फिर अजमेर में हिंदुओं के बहिष्कार के बाद दरगाह के आसपास व्यापार चौपट होने से अब सरवर चिश्ती का हृदय परिवर्तन हो गया है...दरअसल अजमेर में ऐसी भड़काऊ बयानबाजी के बाद व्यापार को जबरदस्त नुकसान पहुचा है ..चंद दिनों में करीब 50 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है ...हमेशा भीड़ से भरे बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है 

एक और तस्वीर आपको दिखाते हैं - ये तस्वीर बताती है कि राजस्थान के भड़काऊ मौलाना और पुलिस के बीच कैसा याराना है .....ये तस्वीर ईद के दिन की बताई जा रही है ....बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसे ट्वीट कर गहलोत सरकार की तुष्टिकरण की नीति पर सवाल उठाए हैं - तस्वीर में मौलाना नदीम अख्तर बूंदी के एसपी और जिला कलेक्टर को गुलदस्ता भेंट कर रहा है - ये वही नदीम अख्तर हैं जिसने नूपुर शर्मा के बयान का समर्थन करने वालों का सर गला काट देने और आंख फोड़ देने की धमकी दी थी ..

मौलाना नदीम ने ये बयान 3 जून को दिया और उसके 28 दिन बाद 1 जुलाई को दिखावे के लिए मौलाना की गिरफ्तारी हुई और 24 घंटे के भीतर रिहा भी कर दिया गया...उसके बाद ईद के दिन भड़काऊ मौलाना और राजस्थान पुलिस की दोस्ती का असली चेहरा भी सामने आ गया ,इस बयान के बाद सवाल है कि सर तन से जुदा कहने वाले फूल कैसे बांटने लगे ?

राजस्थान में गहलोत की पुलिस ना तो मतलूब जैसे दंगाई को अब तक पकड़ पाई है और ना ही गौहर चिश्ती जैसे भड़काऊ बयान देने वाले मौलाना को लेकिन राजस्थान की गहलोत सरकार उदयपुर हत्याकांड की जांच कर रही NIA पर सवाल उठा रही है 

ऐसे में आज के सवाल हैं-
 
पहले 'सर तन से जुदा'...अब आ गले लग जा ?
पहले 'हिंदुस्तान को हिला देंगे' फिर सद्भावना रैली करेंगे ?
अजमेर में बिजनेस ठप तो 'खादिम' का हृदय परिवर्तन ?
'सर तन से जुदा' वाले फूल कैसे बांटने लगे?
NIA पर सवाल...भड़काऊ मौलाना से दोस्ती ?





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