Maharashtra Guidelines: महाराष्ट्र में कड़ी पाबंदियां, 11 घंटे का नाइट कर्फ्यू, कई चीजों पर लगी रोक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 4, 2021, 06:50 PM IST

Maharashtra Coronavirus Guidelines: महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते कहर के चलते कई प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। सरकार ने पाबंदियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

Maharashtra Guidelines: महाराष्ट्र में कड़ी पाबंदियां, 11 घंटे का नाइट कर्फ्यू, कई चीजों पर लगी रोक

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के चलते सरकार ने कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। नाइट कर्फ्यू का समय बढ़ाकर 11 घंटे कर दिया है। रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। वीकेंड लॉकडाउन की भी घोषणा की गई है। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति होगी। रेस्तरां से खाना ले जाने और पार्सल सेवाओं की अनुमति है। कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है।

महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख ने बताया, 'परिवहन यात्रियों को उनकी बैठने की क्षमता के आधार पर यात्रा करने की अनुमति देगा। रिक्शा, टैक्सी और व्यक्तिगत वाहन 50% क्षमता के साथ आवागमन करेंगे। गार्डन, समुद्र तटों, गेटवे ऑफ इंडिया और अन्य स्थानों सहित खुले स्थानों पर शनिवार और रविवार को जाने पर प्रतिबंध होगा।' 

मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि महाराष्ट्र में शुक्रवार शाम 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक वीकेंड लॉकडाउन रहेगा। बसों, ट्रेनों, टैक्सियों सहित आवश्यक सेवाओं और परिवहन की अनुमति है। दिशा-निर्देश कल शाम 8 बजे से लागू होंगे। 5 से अधिक व्यक्तियों का इकट्ठा होना प्रतिबंधित है। सरकारी कार्यालय 50% क्षमता पर काम करेंगे। निजी वाहनों को 50% बैठने की क्षमता पर चलने की अनुमति है। 

मॉल, होटल, बार और थियेटर बंद रहेंगे। ये पाबंदियां 30 अप्रैल तक लागू रहेंगी। सप्ताह के सभी दिनों में दिन के वक्त धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की जाएगी। निर्माण स्थलों पर काम तभी चलेगा, अगर उनमें कामगारों के रहने की सुविधा होगी। मंत्री ने बताया कि सिनेमाघर, नाटक थिएटर बंद रहेंगे, फिल्मों और टेलीविजन की शूटिंग भीड़-भाड़ नहीं होने की सूरत में जारी रह सकती हैं। पार्क और खेलकूद के स्थान बंद रहेंगे। मलिक ने बताया कि धार्मिक स्थलों को भी एसओपी का पालन करना होगा। असलम शेख ने बताया कि कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, हालांकि इनमें बीमा, मेडिक्लेम, बिजली विभाग और नगर निगम के कार्यालय शामिल नहीं है।

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