Assam Floods: पूर्वोत्तर के राज्य असम में बाढ़ की स्थिति बुधवार को भी भीषण बनी रही। राज्य में पिछले 24 घंटों में बाढ़ में 12 और लोगों की मौत हो गई है। कछार और चिरांग जिलों में दो-दो मौतें हुईं, जबकि बारपेटा, विश्वनाथ, दरांग, धेमाजी, गोलाघाट, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, लखीमपुर और नगांव में एक-एक मौत हुई। वहीं 12 लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ और भूस्खलन से तीन महीने से भी कम समय में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 151 हो गई है।
पिछले 24 घंटों में असम में 12 लोगों की मौत
वहीं बाढ़ के चलते असम के 26 जिलों में 31.54 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। बजली, बारपेटा, विश्वनाथ, कछार, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, दीमा हसाओ, गोलपारा, गोलाघाट, हैलाकांडी, होजई, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, करीमगंज, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नागांव, नलबाड़ी, सोनितपुर, तामूलपुर, तिनसुकिया और उदलगुरी प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
कछार लगातार दूसरे दिन बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला रहा, जिसमें लगभग 14.31 लाख लोग प्रभावित हुए। अकेले सिलचर जिले में बाढ़ से कम से कम 7,25,306 लोग प्रभावित हुए हैं। बुधवार को, दक्षिणी असम शहर के कई इलाके लगातार दसवें दिन भी जलमग्न रहे। बारपेटा में 5.49 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, जबकि नगांव में लगभग 5.20 लाख लोग बाढ़ का पानी अपने गांवों में डालने से पीड़ित हैं।
ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों ने 2,675 गांवों में पानी भरा
ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों ने 2,675 गांवों में पानी भर दिया है और 91,349 हेक्टेयर फसल भूमि जलमग्न हो गई है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, असम पुलिस अग्निशमन और आपातकालीन सेवा के जवान और अन्य स्वयंसेवक फंसे हुए लोगों को बचाने और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

