श्रीनगर : जम्मू कश्मीर नेशनफ कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने अमरनाथ के शिवलिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। फारूक ने सोमवार को कहा कि अमरनाथ गुफा में 'शिवलिंग' है, इसे बताने वाला एक मुस्लिम व्यक्ति था। पत्रकारों के साथ बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा कि कोई भी मुस्लिम व्यक्ति किसी धर्म के खिलाफ नहीं रहा है। हालांकि, उन्होंने माना कि 'धार्मिक नफरत की एक लहर 1990 के दशक में थी।'
'लिंगम' को पहलगाम के एक मुस्लिम ने देखा-फारूक
उन्होंने कहा, 'अमरनाथ की गुफा में लिंगम है, इसे पहली बार पहलगाम के रहने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति ने देखा। इसके बाद इस मुस्लिम व्यक्ति ने लिंगम के बारे में कश्मीरी पंडितों को बताया। कभी भी किसी मुस्लिम व्यक्ति ने किसी धर्म के बारे में सवाल नहीं उठाए...हां, 1990 के दशक में एक लहर थी लेकिन यह लहर कहीं और से आई थी।'
मनोज सिन्हा ने आधार शिविर का दौरा किया
जम्मू एवं कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने सोमवार को बालटाल आधार शिविर का दौरा कर वहां तैयारियों का जायजा लिया। एलजी की ओर से जारी एक ट्वीट में कहा गया 'मैंने बालटाल आधार शिविर में आज श्री अमरनाथ के तीर्थयात्रियों, अधिकारियों और खच्चरवालों से बातचीत की। वहां मौजूद सुविधाओं, सेवाओं के बारे में जानकारी ली। मैंने नियंत्रण कक्ष का भी जायजा लिया।' अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 30 जून से हुई है और इसका समापन 11 अगस्त को होगा। इसी दिन रक्षाबंधन है।
Farooq Abdullah: फारूक अब्दुल्ला बोले- जम्मू-कश्मीर पर 'अस्वीकार' की नीति अपना रही केंद्र सरकार
दो साल के बाद शुरू हुई है यात्रा
इस बार अमरनाथ यात्रा दो साल के बाद शुरू हुई है। कोरोना के संक्रमण की वजह से यह यात्रा साल 2020 और 2021 में स्थगित रही। इस बार यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए सुरक्षा का भारी इंतजाम किया गया है। यात्रा मार्ग में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

