Times Now Navbharat
live-tv
Premium

क्या इजरायल के खिलाफ 9/11 जैसा बड़ा हमला करने की थी साजिश? शिन बेट की चेतावनी हुई नजरअंदाज?

इजराइल की खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा बल इस कोण की गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या को-पायलट का मकसद 9/11 जैसा बड़ा हमला अंजाम देने का था? यह संदिग्ध गतिविधि तब हुई जब विमान जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में उड़ रहा था।

Image
इजरायल पर 9/11 जैसे हमले की साजिश हुई नाकाम
Authored by: अमित कुमार मंडल
Updated Oct 1, 2026, 14:24 IST
Follow on Google News

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइदुबई (Flydubai) की फ्लाइट FZ 1073 में हुई कॉकपिट अटैक की घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। विमान के को-पायलट द्वारा अचानक मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला करने और प्लेन को तेजी से नीचे ले जाने की कोशिश ने 2001 के 9/11 अमेरिका आतंकी हमले की खौफनाक यादें ताजा कर दी हैं। इस घटना के बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान और सुरक्षा एजेंसियों की आंतरिक रिपोर्टों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इजरायल के खिलाफ 9/11 जैसा बड़ा हमला करने की थी साजिश? क्या इजरायल की ओर से चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया था?, विस्तार से समझते हैं।

क्या 9/11 जैसा बड़ा हमला करने की थी साजिश?

इजराइल की खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा बल इस कोण की गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या को-पायलट का मकसद 9/11 जैसा बड़ा हमला अंजाम देने का था? यह संदिग्ध गतिविधि तब हुई जब विमान जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में उड़ रहा था। आशंका जताई जा रही है कि जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे इजराइल के घनी आबादी वाले इलाके या किसी रणनीतिक ठिकाने पर क्रैश कराना था। CNN से बात करते हुए इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने खुलकर कहा, जो कुछ भी हवा में घटा, उसे देखकर यही लगता है कि हम '9/11' जैसी एक बेहद भीषण तबाही और राष्ट्रीय त्रासदी को टालने में सफल रहे हैं। भारतीय कैप्टन की बहादुरी और यात्रियों के त्वरित एक्शन की वजह से 174 मासूम जिंदगियां बच सकीं।

टल गया बड़ा हमला

टल गया बड़ा हमला

शिन बेट चीफ की चेतावनी और सुरक्षा में चूक पर सवाल

इस घटना ने इजराइली आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट (Shin Bet) के प्रमुख डेविड जिनी (David Zini) की उस चेतावनी को फिर से चर्चा में ला दिया है, जो वे महीनों से दे रहे थे। डेविड जिनी पिछले कई महीनों से आगाह कर रहे थे कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आने-जाने वाली विदेशी उड़ानों का सुरक्षा घेरा बेहद अपर्याप्त है। हाल के हफ्तों में सुरक्षा चिंताओं को लेकर शिन बेट और इजराइली एयरलाइंस के बीच गहरा मतभेद भी देखने को मिला था। शिन बेट का तर्क था कि केवल इजराइली विमानों (जैसे El Al) पर कड़े सुरक्षा गार्ड रखना काफी नहीं है, बल्कि विदेशी उड़ानों पर भी समान कड़े मानदंड होने चाहिए।

क्या है शिन बेट और मोसाद की भूमिका?

शिन बेट सिर्फ इजराइली एयरलाइंस की उड़ानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। विदेशी उड़ानों (जैसे फ्लाइदुबई) पर आतंकी खतरों को नाकाम करने की जिम्मेदारी मोसाद (Mossad) की होती है। यानी शिन बेट आंतरिक मामलों को और मोसाद अंतर्राष्ट्रीय मामलों को संभालती है।

इजराइल में कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की खूब हो रही तारीफ

इजराइल में कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की खूब हो रही तारीफ

खुफिया तंत्र की चूक?

खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ समय में इजराइल पर मिसाइल हमलों या एयरपोर्ट पर सीधे आतंकी हमलों के इनपुट और अलर्ट जरूर मिले थे, लेकिन किसी विदेशी एयरलाइन के कॉकपिट या पायलट द्वारा इस तरह के 9/11 शैली के आत्मघाती हमले की आशंका पर किसी भी एजेंसी की बैठकों में चर्चा तक नहीं हुई थी। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शिन बेट चीफ डेविड जिनी की सिफारिशों के अनुसार अमीरात की सभी उड़ानों पर कड़े सुरक्षा मानदंड लागू किए गए होते, तो यह खतरा पहले ही बेनकाब हो सकता था। फिलहाल पूरी घटना की बहुआयामी जांच जारी है।

कैसे नाकाम हुआ 9/11 जैसा हमला?

33,000 फीट की ऊंचाई पर जब को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से कई वार किए, तब विमान 1 मिनट में तेजी से गिरकर 17,000 फीट पर आ गया। लेकिन गंभीर जख्मों के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही इजराइली व अन्य यात्रियों ने अंदर घुसकर हमलावर को जमीन पर पटका और दबोच लिया। क्रू मेंबर्स ने विमान को संभाला और सउदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा, जहां सउदी अधिकारियों ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मोसाद, शिन बेट और सउदी जांच एजेंसियां मिलकर इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या हमलावर को-पायलट किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन का स्लीपर सेल था या वह कट्टरपंथ से प्रेरित होकर यह कदम उठा रहा था।

घायल हैं कैप्टन स्मित मच्छार

घायल हैं कैप्टन स्मित मच्छार

दुनिया की नजरों में हीरो बने कैप्टन स्मित

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइदुबाई की उड़ान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस और बहादुरी की गूंज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। इस साहसिक घटनाक्रम के बाद वैश्विक नेताओं की ओर से उन्हें हीरो बताया जा रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को हीरो बताते हुए कहा कि खुद गंभीर रूप से घायल होने और चाकू लगने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को हमलावर को दबोचने का मौका दिया। नेतन्याहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैप्टन स्मित ने इजराइली नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाकर मिड-एयर में 9/11 जैसी एक भीषण त्रासदी और तबाही को टाल दिया। वहीं, पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित की सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम किया। पीएम ने कैप्टन स्मित के परिजनों से भी बात की। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित की सूझबूझ से 9-11 जैसे हमला टल गया। अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित की तारीफ करते हुए उन्हें अभूतपूर्व हिम्मत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कॉकपिट में इस तरह के हमले के बावजूद विमान को नियंत्रण में रखना और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करना एक असाधारण उपलब्धि है।

End of Article