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अजब मध्य प्रदेश का गजब सिस्टम! गधे करेंगे इलाज, नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी हो गया जारी

MP News: मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने 'गधे' की फोटो वाले आवेदन पर डिजिटल नर्सिंग सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इस बड़ी तकनीकी खामी को उजागर करने वाले एक्टिविस्ट के खिलाफ ही अब एफआईआर की तैयारी है।

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मध्य प्रदेश में एक 'गधे' का बन गया नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट

MP News: मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम में एक ऐसा बड़ा फर्जीवाड़ा और तकनीकी चूक उजागर हुई है, जिसने प्रदेश की पूरी स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश में 'गधे' की फोटो और जानवर की जाति लिखकर आवेदन किया गया और महज कुछ ही मिनटों में डिजिटल नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया। अब जिसने यह खामी खोजी, उसके खिलाफ ही FIR दर्ज कराने की बात हो रही है।

'डंकी' नाम से आवेदन, मिनटों में बना सर्टिफिकेट

आरटीआई एक्टिविस्ट और एनएसयूआई (NSUI) नेता रवि परमार ने नर्सिंग काउंसिल की ऑनलाइन प्रणाली की सुरक्षा जांचने के लिए एक आवेदन जमा किया। इस आवेदन में:

  • नाम: 'डंकी' (Donkey)
  • फोटो: गधे की तस्वीर
  • पिता का नाम: 'डंकी फादर'
  • जाति: 'एनिमल' (Animal)
  • शैक्षणिक जानकारी: पूरी तरह फर्जी

हैरानी की बात यह रही कि ₹2,050 की फीस का ऑनलाइन भुगतान करते ही सिस्टम ने बिना किसी प्राथमिक जांच के तुरंत डिजिटल नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जनरेट कर दिया।

व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह नई ऑनलाइन व्यवस्था पिछले दो महीनों से लागू की गई थी। इस घटना के सामने आने के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब एक ऑनलाइन सिस्टम गधे की फोटो, फर्जी नाम और जानवर श्रेणी दर्ज करने पर भी सर्टिफिकेट जारी कर सकता है, तो पिछले दो महीनों में कितने फर्जी आवेदकों को बिना सत्यापन के ऐसे प्रमाण पत्र बांटे गए होंगे?

स्वास्थ्य मंत्री और नर्सिंग काउंसिल की सफाई

मामला तूल पकड़ते ही नर्सिंग काउंसिल ने अपनी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है। काउंसिल का कहना है कि: जारी किया गया प्रमाणपत्र केवल प्रोविजनल (अस्थायी) पंजीयन था और अंतिम सत्यापन बाद में होना था। प्रणाली में अतिरिक्त सुरक्षा ढांचा लागू किया जा रहा है।

खामी खोजने पर वाले पर FIR

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस पर कहा कि फर्जी दस्तावेज देकर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनवाना पूरी तरह गैरकानूनी है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और ऐसा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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