नेशनल हेराल्ड केस: कांग्रेस नेता पवन बंसल को ईडी का समन ! कल खड़गे से हुई थी पूछताछ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 12, 2022, 11:35 AM IST

National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को एजेंसी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन बंसल को समन भेजा है।

नेशनल हेराल्ड केस: कांग्रेस नेता पवन बंसल को ईडी का समन ! कल खड़गे से हुई थी पूछताछ
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National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन बंसल को पूछताछ के लिए समन भेजा है। इसके पहले ईडी ने सोमवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से भी पूछताछ की थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और कांग्रेस पार्टी के अंतरिम कोषाध्यक्ष हैं। एजेंसी ने इस मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को पेश होने के लिए तलब किया है। यंग इंडियन के अन्य प्रमोटरों को जल्द ही ईडी को तलब करने की उम्मीद है। कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी यंग इंडियन के प्रमोटरों और शेयरधारकों में शामिल हैं।

कल खड़गे से हुई थी पूछताछ

इसके पहले सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से भी ईडी ने पूछताछ की थी। अधिकारियों के मुताबिक खड़गे का बयान पीएमएलए के तहत दर्ज किया गया है। इस मामले में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड या एजेएल के अधिग्रहण में कांग्रेस पर धोखाधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया गया है। पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा शुरू किया गया नेशनल हेराल्ड, एजेएल द्वारा प्रकाशित किया गया था। अखबार कांग्रेस का मुखपत्र था।

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने किया था केस

आजादी के बाद 1956 में एसोसिएटेड जर्नल को अव्यवसायिक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया और कंपनी एक्ट धारा 25 के अंतर्गत इसे कर मुक्त कर दिया गया था। लेकिन 2008 में 'एजेएल' के सभी प्रकाशनों को निलंबित कर दिया गया और कंपनी पर 90 करोड़ रुपए का कर्ज भी चढ़ गया। इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक नई अव्यवसायिक कंपनी बनाई जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित मोतीलाल वोरा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और सैम पित्रोदा को निदेशक बनाया गया। नई कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 76 प्रतिशत शेयर थे जबकि बाकी के 24 प्रतिशत शेयर अन्य निदेशकों के पास थे। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने इस कंपनी को 90 करोड़ रुपए बतौर कर्ज दिया। और बाद में इस कंपनी ने 'एजेएल' का अधिग्रहण कर लिया।

इसके बाद 2012  में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने  एक याचिका दायर कर कांग्रेस के नेताओं पर 'धोखाधड़ी' का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' ने सिर्फ 50 लाख रुपयों में 90.25 करोड़ रुपए वसूलने का तरीका निकाला जो 'नियमों के खिलाफ' है। 

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