Kiran Bedi: पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद से किरण बेदी को हटाया गया,तेलंगाना के राज्यपाल को अतिरिक्त प्रभार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 17, 2021, 12:16 AM IST

 Kiran Bedi removed as Puducherry Lieutenant Governor: किरण बेदी को पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद से हटाया दिया गया है,तेलंगाना की राज्यपाल को राज्य का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

Kiran Bedi: पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद से किरण बेदी को हटाया गया,तेलंगाना के राज्यपाल को अतिरिक्त प्रभार

किरण बेदी को पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद से हटा दिया गया है, उनकी जगह तेलंगाना के राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार पर जारी संकट के बीच ऐसा हुआ है, गौरतलब है कि सीएम नारायण सामी से उनके मतभेद सामने आते रहे हैं।

अभी 5 दिन पहले पुडुचेरी के लोगों को किरण बेदी ने खुला खत लिखकर कहा था कि कामकाज में ट्रांसपेरेंसी से सीएम नारायण सामी खुश नहीं हैं उन्होंने इस पत्र में लिखा था कि उनके कामों की वजह से प्रशासन अधिक पारदर्शी हो गया है, जिसकी वजह से मुख्यमंत्री लगातार उन्हें वापस बुलाने के लिए राष्ट्रपति से अपील कर रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन की ओर से इस संबंध में मंगलवार को बयान जारी किया गया। बयान में कहा गया कि नई नियुक्ति होने तक तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसई सौंदराजन को पुडुचेरी की उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जा रहा है।

नारायणसामी ने राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात की थी

इससे पहले पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की थी और उपराज्यपाल किरण बेदी के यूटी के प्रशासन के कामकाज में कथित हस्तक्षेप की बात कहते हुए उन्हें पुडुचेरी से वापस बुलाने की अपील की थी। किरण बेदी को पद से हटाने की मांग को लेकर पिछले काफी समय से कांग्रेस पार्टी प्रदर्शन कर रही थी।

अगले कुछ ही महीने में विधानसभा का चुनाव है

राष्ट्रपति का आदेश राजनीतिक संकट के बीच आया है जहां सत्तारूढ़ काग्रेस सरकार मंगलवार को एक और विधायक के पार्टी छोड़ने के बाद अल्पमत में आ गयी।बेदी और नारायणसामी के बीच कई मुद्दों पर टकराव रहा है।राजनीतिक उथल-पुथल के बीच विपक्ष ने मौके का फायदा उठाया और उसने यह कहते हुए नारायणसामी का इस्तीफा मांगा कि उनकी सरकार अल्पमत में हैं लेकिन नारायणसामी ने यह कहते हुए इस्तीफा देने से इनकार कर दिया कि उनकी सरकार को विधानसभा में बहुमत प्राप्त है अगले कुछ ही महीने में विधानसभा का चुनाव है।

चार विधायकों के इस्तीफे के बाद 33 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस का संख्या बल 10 रह गया है जिसमें अध्यक्ष भी शामिल हैं। । उसके सहयोगी दल द्रमुक के तीन सदस्य हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक का समर्थन भी सरकार को प्राप्त है। विपक्ष के पास 14 विधायक हैं।
 

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