Covid 19 Updates: बीते चौबीस घंटे में सामने आए  80,834 नए मामले, 95 फीसदी के पार पहुंचा रिकवरी रेट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 13, 2021, 10:04 AM IST

Coronavirus Daily Cases: देश में कोरोना के मामले लगातार कम हो रहे हैं। बीते चौबीस घंटे के दौरान देश में कोरोना के  80,834 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद रिकवरी रेट 95 फीसदी के पार पहुंच गया है।

Covid 19 Updates: बीते चौबीस घंटे में सामने आए  80,834 नए मामले, 95 फीसदी के पार पहुंचा रिकवरी रेट

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए मामलों में हर रोज कमी दर्ज की जा रही है जिसकी बदौलत एक्टिव मामलों की संख्या भी घट रही है और रिकवरी दर में सुधार हो रहा है। बीते चौबीस घंटे के दौरान देश में 1 लाख 32 हजार से अधिक लोग ठीक हुए हैं जबकि इस अवधि के दौरान  80,834 नए मामले आए हैं। कम हो रहे मामलों की बदौलत दैनिक पॉजिटिविटी रेट घटकर 4.25 हो गया है।

लगातार कम हो रहे हैं मामले

 स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, ' पिछले चौबीस घंटे के दौरान भारत में कोरोना वायरस के 80,834 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 2,94,39,989 हो गई है। इस दौरान 3,303 लोगों की मौत हुई है जिसके बाद बाद कुल मौतों की संख्या 3,70,384 हो गई है। बीते 24 घंटे के दौरान 1,32,062 नए डिस्चार्ज के बाद कुल डिस्चार्ज की संख्या 2,80,43,446 हो गई है और देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या घटकर 10,26,159 हो गई  है।

रिकवरी दर में सुधार
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत में आज 71 दिनों बाद कोरोना वायरस के सबसे कम नए मामले आए हैं। कोरोना वायरस के कम मामले सामने के बाद  दैनिक पॉजिटिविटी रेट 4.25% है, जो लगातार 20 दिनों से 10% कम है। वहीं रिकवरी रेट बढ़कर 95.26% हो गया है।' वहीं वैक्सीनेशन की बात करें तो देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 34,84,239 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 25,31,95,048 पर पहुंच गया है।

आपको बता दें कि  एक प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ने अपने लेख में कयास लगाया है कि 'भारत में कोविड-19 से हुई मौतों की संख्या आधिकारिक संख्या की तुलना में शायद पांच से सात गुना  है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस लेख को नकारते हुए कहा था कि उक्त लेख में पर्याप्त साक्ष्य के बिना एक विकृत विश्लेषण किया गया है। जो किसी महामारी विज्ञान के साक्ष्यों पर आधारित नहीं है।

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