राजस्थान के दातारामगढ़ से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र सिंह ने विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राजनीतिक षडयंत्र के तहत सैनिक शहीद हो रहे हैं। विधायक जी के बिगड़े बोल ऐसे थे कि कहा कि नोटबंदी के बाद पुलवामा में अटैक हुआ था। बिहार चुनाव के समय गलवान घाटी में बिहार के 18 सैनिक शहीद हुए थे। अब यूपी और उत्तराखंड के चुनाव से पहले सीडीएस बिपिन रावत शहीद हो गए। विधायक ने कहा कि यह सारी घटनाएं सोचने पर विवश करती हैं।
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यहां का हर फौजी भाई शहादत से पीछे नहीं हटता, लेकिन उसकी शहादत जब भी हो, बॉर्डर पर दुश्मन से लड़ते हुए छाती पर गोली खाकर हो, तो हमें गर्व महसूस होता है। लेकिन आज हमारा फौजी और सिपाही राजनीतिक फायदे के लिए शहीद होता है तो हमारे मन में टीस होती है।
एक तरफ कांग्रेस के विधायक शहीदों का अपमान करते हैं वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी शहीदों के आसरे हैं। देहरादून में राहुल की रैली में CDS बिपिन रावत के अलावा हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद जवानों की तस्वीर लगाई गई।
आतंकियों के रहनुमाओं पर अटैक
इसके अलावा श्रीनगर में आज चिनार कोर के लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने बड़ी बात कही है। लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि शहादत पर हंसने वाले व्हाइट कॉलर टेरेरिस्ट हैं। लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि देश का सबसे बड़ा दुश्मन व्हाइट कॉलर टेररिस्ट हैं। श्रीनगर के चिनार कोर में कुन्नूर हादसे में शहीद हुए CDS बिपिन रावत, उनकी पत्नी समेत 13 अफसरों की याद में एक कार्यक्रम रखा गया था। डीपी पांडे ने कहा कि कश्मीर में कोई भी जवान या यूथ की जब मौत होती है तो उससे सिर्फ हमारे देश के दुश्मन खुश होते हैं। और उसमें एक सबसे बड़ा तबका है, एक तबका है जिसको मैं बुलाता हूं व्हाइट कॉलर टेररिस्ट, सफेदपोश आतंकवादी। ये हमारे समाज के सबसे खतरनाक हिस्सा हैं। जो अपने आस पास के बच्चे हैं उनकी पहचान करता है। उनमें से कुछ को आतंकवादी बनने के लिए उकसाते हैं। जब वो आतंकी किसी एक आम आदमी की जिंदगी लेता है और उसके बाद में जब उसकी खुद की मौत होती है तो सबसे ज्यादा खुशी इसी व्हाइट कॉलर टेररिस्ट को होती है। जिसको आप जानते हैं मगर आप कुछ कहते नहीं।

